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कड़े विरोध के बीच महामंडलेश्वर ओमकार गिरि के शव को वेणी माधव मंदिर परिसर में दी गई समाधि

Fri, 08 May 2020 01:29 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 08 May 2020 01:29 AM IST
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Samadhi given to the body of Mahamandaleshwar Omkar Giri in the Veni Madhav temple complex amidst strong opposition
prayagraj news - फोटो : prayagraj

वेणी माधव मंदिर के महंत और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर ओमकारदेव गिरि के पार्थिव शरीर को बृहस्पतिवार की दोपहर मंदिर परिसर में ही विरोधों के बीच समाधि दे दी गई। विरोध में सड़क पर उतरे श्रद्धालुओं और नागरिकों को पुलिस ने मंदिर केपास ही रोक लिया। कुछ लोगों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, लेकिन लॉकडाउन और पुलिस की सख्ती की वजह से सफल नहीं हो सके। जूना अखाड़े के संतों के अलावा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों की मौजूदगी में अखाड़े की परंपरा के अनुसार महंत के पार्थिव शरीर को समाधि की गई।

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Samadhi given to the body of Mahamandaleshwar Omkar Giri in the Veni Madhav temple complex amidst strong opposition
prayagraj news - फोटो : prayagraj
बीमारी की वजह से एक निजी अस्पताल में भर्ती महंत का दो दिन पहले देवलोक वास हो गया था। इसके बाद जूना अखाड़े के संतों ने जब मंदिर परिसर में ही महंत के पार्थिव शरीर को समाधि देने का निर्णय लिया तो लोग विरोध करने लगे। बृहस्पतिवार की दोपहर जूना अखाड़े के संरक्षक व अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि व अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि समेत अखाड़े के कई संत वेणी माधव मंदिर पहुंचे। समाधि की तैयारियों केबीच आसपास के सैकड़ों लोग विरोध में सड़क पर उतर आए।

इस दौरान पुलिस ने लोगों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद एक वाहन पर महंत के पार्थिव शरीर को रखकर संगम ले जाया गया। वहां संगम शव को स्नान कराने के बाद मंदिर लाया गया। फिर मंदिर परिसर के पीछे ही उनको अखाड़े की परंपरा के तहत समाधि दी गई।  तीर्थ पुरोहितों और नागरिकों का कहना है कि वैष्णव मंदिर होने की वजह से वहां महंत के शव को समाधि नहीं दी जानी चाहिए, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। महंत हरि गिरि ने बताया कि परंपरा के अनुसार उनके गुरु की समाधि के बगल में ही उनके पार्थिव शरीर को समाधि दी गई।

ये हुए समाधि संस्कार में शामिल
समाधि संस्कार में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि, जूना अखाड़े के संरक्षक एवं अखाडा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि, महंत पुष्कर गिरि, महंत इच्छा गिरि, थानापति नीलकंठ गिरि, थानापति अरूण भारतीय, ब्रह्मर्षि रवि शंकर,महंत हरिशंकर गिरि, महानिर्वाणी अखाडे़ से रजनीश गिरि, निर्मल अखाडे के देवेंद्र शास्त्री,  बड़ा पंचायती उदासीन अखाडे के व्यास मुनि, अटल अखाड़ा के बलराम भारतीय के अलावा के अलावा इलाहाबाद हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह शामिल रहे ।

महामंडलेश्वर वैभव गिरि वेणी माधव मंदिर की महंत घोषित
प्रयागराज। जूना अखाड़े की महामंडलेश्वर वैभव गिरि को ब्रहमलीन महंत की इच्छानुसार सभी संतों की राय से वेणी माधव मंदिर का महंत घोषित किया गया । वैभव गिरि को कुंभ -2013 में जूना अखाड़े ने महामंडलेश्वर बनाया था। जूना अखाड़े के संरक्षक महंत हरिगिरि ने वैभव गिरि को वेणी माधव मंदिर का नया महंत बनाए जाने की घोषणा की। इस मौके पर महामंडलेश्वर वैभव गिरि ने मंदिर की परंपराओं का निर्वहन पूरी मेहनत से करने का संकल्प लिया।
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