फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Salary of teachers appointed in rashtriya madhyamik shiksha abhiyan schools stuck

प्रयागराज : रमसा के विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों का वेतन फंसा

Sun, 19 Dec 2021 08:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 19 Dec 2021 08:31 PM IST
सार

जुलाई के बाद नहीं किया गया भुगतान, आर्थिक संकट से जूझ रहे शिक्षक। सोशल मीडिया पर छेड़ा अभियान, डिप्टी सीएम और सीएम से मिलेंगे शिक्षक।

विज्ञापन
Salary of teachers appointed in rashtriya madhyamik shiksha abhiyan schools stuck
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रमसा) के तहत संचालित राजकीय हाईस्कूलों में नियुक्त शिक्षकों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। बजट न होने के कारण वेतन अटका हुआ है। इस कारण शिक्षकों को आर्थिंक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। रमसा के विद्यालयों में वेतन के लिए 60 फीसदी बजट केंद्र सरकार और 40 फीसदी राज्य सरकार देती है। इस मसले पर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी अभियान चला रखा है।

विज्ञापन


प्रतियोगी मोर्चा के बैनर तले रविवार को हुई रमसा शिक्षकों की बैठक में शिक्षकों ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। जहां, राजकीय इंटर कॉलेजों (जीआईसी) और मॉडल इंटर कॉलेजों के शिक्षकों का वेतन प्रतिमाह जारी किया जाता है। जबकि राजकीय रमसा शिक्षकों को चार-पांच माह में एक बार वेतन जारी किया जाता है और वह भी मात्र एक या दो माह का वेतन होता है। रमसा शिक्षकों का वेतन जुलाई माह के बाद जारी नहीं किया गया है। 
विज्ञापन


ऐसे में राजकीय हाईस्कूलों के शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। प्रतियोगी मोर्चा के संयोजक अनिल उपाध्याय का कहना है कि किसी भी सरकारी विभाग में ऐसा भेदभाव नहीं होता है, जैसा कि रमसा विद्यालयों के शिक्षकों के साथ किया जा रहा है। इस संबंध में जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेगा। मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि प्रदेश सरकार अगर शीघ्र ही इस मामले का स्थायी समाधान नहीं खोजती है तो लखनऊ में धरना दिया जाएगा। बैठक में पंकज अंगारा, उदय यादव, अजय पांडेय, नीरज पांडेय, संतोष सिंह आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed