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शंकराचार्य के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस ले साईं ट्रस्ट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 03 Jul 2016 01:56 AM IST
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साईं ट्रस्ट की ओर से ज्योतिष एवं द्वारका शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के खिलाफ 28 जून को दर्ज कराए गए मुकदमे को लेकर अखाड़े के संतों ने विरोध दर्ज कराया है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमा वापस लेते हुए साईं ट्रस्ट पश्चाताप करे और उनसे माफी भी मांगे। ऐसा नहीं होता है तो साई ट्रस्ट परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
परिषद ने इसके लिए साई ट्रस्ट को गुरुपूर्णिमा, 19 जुलाई तक का समय भी दिया है। कहा है, गुरुपूर्णिमा तक ट्रस्ट शंकराचार्य के सम्मुख उपस्थित होकर माफी नहीं मांगता है तो सभी तेरह अखाड़ों के नागा सन्यासी शिरडी के लिए कूच करेंगे। विशाल जन आंदोलन की स्थिति में किसी भी घटना की जिम्मेदारी साईं ट्रस्ट की होगी। बता दें, दो वर्ष पहले शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं को संत गुरु और भगवान की श्रेणी में न रखने की बात कही थी। जिस पर साईं भक्तों ने विवाद खड़ा कर दिया। शंकराचार्य के बयान पर साईं ट्रस्ट की ओर से शिरडी में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, शंकराचार्य ने साई के बारे में जो भी कहा है, वह सत्य है। साईं न संत न गुरु और न भगवान हैं. वह एक फकीर हैं। शंकराचार्य सनातन धर्म के सर्वोच्च आचार्य हैं, इसलिए उनके सम्मान की रक्षा करना अखाड़ों का दायित्व है। उन्होंने सभी सनातनधर्मियों एवं बुद्धिजीवियों से भी शंकराचार्य के अपमान का पुरजोर विरोध करने की अपील की है। वहीं साईं ट्रस्ट से भी कहा कि यह शंकराचार्य नहीं साईं का अपमान है क्योंकि साई बाबा ने कभी अपने को भगवान नहीं कहा, बल्कि वह स्वयं को फकीर ही मानते थे।
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परिषद ने इसके लिए साई ट्रस्ट को गुरुपूर्णिमा, 19 जुलाई तक का समय भी दिया है। कहा है, गुरुपूर्णिमा तक ट्रस्ट शंकराचार्य के सम्मुख उपस्थित होकर माफी नहीं मांगता है तो सभी तेरह अखाड़ों के नागा सन्यासी शिरडी के लिए कूच करेंगे। विशाल जन आंदोलन की स्थिति में किसी भी घटना की जिम्मेदारी साईं ट्रस्ट की होगी। बता दें, दो वर्ष पहले शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने साईं को संत गुरु और भगवान की श्रेणी में न रखने की बात कही थी। जिस पर साईं भक्तों ने विवाद खड़ा कर दिया। शंकराचार्य के बयान पर साईं ट्रस्ट की ओर से शिरडी में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा, शंकराचार्य ने साई के बारे में जो भी कहा है, वह सत्य है। साईं न संत न गुरु और न भगवान हैं. वह एक फकीर हैं। शंकराचार्य सनातन धर्म के सर्वोच्च आचार्य हैं, इसलिए उनके सम्मान की रक्षा करना अखाड़ों का दायित्व है। उन्होंने सभी सनातनधर्मियों एवं बुद्धिजीवियों से भी शंकराचार्य के अपमान का पुरजोर विरोध करने की अपील की है। वहीं साईं ट्रस्ट से भी कहा कि यह शंकराचार्य नहीं साईं का अपमान है क्योंकि साई बाबा ने कभी अपने को भगवान नहीं कहा, बल्कि वह स्वयं को फकीर ही मानते थे।
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