प्रोफेसर बद्री नारायण बोले : साहित्य अकादमी पुरस्कार आम आदमी के संघर्षों पर रची गई कविताओं का सम्मान
बद्री नारायण को हिंदी भाषा की की कृति पर साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। तुमड़ी के शब्द कविता संग्रह पर साहित्य अकादमी पुरस्कार की घोषणा के बाद बद्री नारायण ने अपनी भावनाओं को साझा किया। उनका कहना है कि यह उनके जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है।
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कवि बद्री नारायण को प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान दिया जाएगा। अकादमी ने उनकी कविताओं के संकलन ’तुमड़ी के शब्द’ को इस पुरस्कार के लिए चयनित किया है। इसके तहत एक लाख रुपये की नगद धनराशि प्रदान की जाती है। वह मौजूदा समय गोविंद वल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान के निदेशक के पद पर तैनात हैं।
बद्री नारायण को हिंदी भाषा की की कृति पर साहित्य अकादमी पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। तुमड़ी के शब्द कविता संग्रह पर साहित्य अकादमी पुरस्कार की घोषणा के बाद बद्री नारायण ने अपनी भावनाओं को साझा किया। उनका कहना है कि यह उनके जीवन का बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है। यह मेरा ही नहीं, आम आदमी के जीवन पर रची गई मेरी उन कविताओं के संस्रोत का भी सम्मान है। वह कहते हैं कि अब इस पुरस्कार के साथ ही चुनौतियां और जिम्मेदारियां अधिक पैदा हो गई हैं। अब पहले ज्यादा अच्छी कविताएं लिखने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
बद्री नारायण 90 के दशक में कविता लेखन शुरू किया था। उनका पहला कविता संग्रह सच सुने कई दिन हुए 1994 में आया था। इसके बाद शब्दपदीयम, खुदाई में हिंसा और तुमड़ी का शब्द प्रकाशित हुआ। हाल ही में उनकी प्रतिनिधि कविताओं का संकलन -प्रतिनिधि कविताएं -2022 प्रकाशित हुआ है।
उनकी कविताओं में प्रेम, करुणा, भाईचारा, अहिंसा के सर्वकालिक मूल्य उजागर होते हैं। उन्होंने कमजोरों, मजलूमों और पीछे छूट गए समूहों को कविता के जरिए आवाज देने की कोशिश की है। इससे पहले उनको कविता के लिए भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार, बनारसी प्रसाद भोजपुरी सम्मान, केदार सम्मान, स्पंदन कृति पुरस्कार, राष्ट्रकवि दिनकर पुरस्कार, शमशेर सम्मान और मीरा स्मृति सम्मान से नवाजा जा चुका है।