{"_id":"5774238d4f1c1b576179b530","slug":"running-on-a-recognition-of-the-four-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक की मान्यता पर चल रहे चार विद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक की मान्यता पर चल रहे चार विद्यालय
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 30 Jun 2016 01:19 AM IST
विज्ञापन
स्कूल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिया जिले में स्कूलों के संचालन में फर्जीवाड़ा का एक और मामला सामने आया है। एक विद्यालय की मान्यता लेकर एक ही परिसर में चार विद्यालय चलाने और लाखों रुपये के सरकारी ग्रांट हड़पने के मामले में हाईकोर्ट ने डीएम बलिया को जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने डीएम को निर्देश दिया है कि वह स्वयं मौके पर जाकर जांच करें और रिपोर्ट दें। नीलेश उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की खंडपीठ ने यह आदेश दिया।
याची के अधिवक्ता आलोक यादव ने बताया कि बलिया जिले के रामजी सिंह ने डा. लोहिया सीनियर सेकेंड्री स्कूल चलाने की मान्यता ली थी। बाद में इसी परिसर में बिना मान्यता के जूनियर बेसिक स्कूल, सूर्य मुखादेवी प्राथमिक विद्यालय और राधा मोहन प्राथमिक विद्यालय भी खोल लिया। 2010 में उसने एमएलसी सुभाष यादव की विधायक निधि से 15 लाख रुपये लिए। इसके बाद पेंशनर गोविंददास का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मिड डे मील के 12 लाख रुपये निकाल लिए। इसकी शिकायत पर बेसिक शिक्षा विभाग ने 23 जुलाई 2015 को स्कूलों का संचालन बंद करने का आदेश दिया, मगर कोई विद्यालय बंद नहीं किया गया। उधर गोविंद दास ने भी उसका फर्जी हस्ताक्षर बनाने पर प्राथमिकी दर्ज करा दी।
मामला हाईकोर्ट में पहुंचने पर कोर्ट ने 20 जून को डीएम को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। डीएम ने एक एसडीएम से जांच कराई। बुधवार को सुनवाई के दौरान एसडीएम की रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी गई। जजों ने इस पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम की रिपोर्ट खारिज कर दी है तथा डीएम को स्वयं मौके पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया है। याचिका पर 11 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
याची के अधिवक्ता आलोक यादव ने बताया कि बलिया जिले के रामजी सिंह ने डा. लोहिया सीनियर सेकेंड्री स्कूल चलाने की मान्यता ली थी। बाद में इसी परिसर में बिना मान्यता के जूनियर बेसिक स्कूल, सूर्य मुखादेवी प्राथमिक विद्यालय और राधा मोहन प्राथमिक विद्यालय भी खोल लिया। 2010 में उसने एमएलसी सुभाष यादव की विधायक निधि से 15 लाख रुपये लिए। इसके बाद पेंशनर गोविंददास का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मिड डे मील के 12 लाख रुपये निकाल लिए। इसकी शिकायत पर बेसिक शिक्षा विभाग ने 23 जुलाई 2015 को स्कूलों का संचालन बंद करने का आदेश दिया, मगर कोई विद्यालय बंद नहीं किया गया। उधर गोविंद दास ने भी उसका फर्जी हस्ताक्षर बनाने पर प्राथमिकी दर्ज करा दी।
विज्ञापन
मामला हाईकोर्ट में पहुंचने पर कोर्ट ने 20 जून को डीएम को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। डीएम ने एक एसडीएम से जांच कराई। बुधवार को सुनवाई के दौरान एसडीएम की रिपोर्ट कोर्ट के सामने रखी गई। जजों ने इस पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम की रिपोर्ट खारिज कर दी है तथा डीएम को स्वयं मौके पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया है। याचिका पर 11 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
विज्ञापन