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Prayagraj News: होम स्टे के बदले नियम, आठ कमरे तक करा सकेंगे पंजीकृत
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शहरी क्षेत्रों में होम स्टे इकाइयों के पंजीकरण नियमों में पर्यटन विभाग ने महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब इन इकाइयों में न्यूनतम एक और अधिकतम आठ कमरे या सोलह शैय्या तक पंजीकृत कराए जा सकेंगे।
इससे पहले अधिकतम छह कमरों को ही किराये पर देने की अनुमति थी। नए नियमों के अनुसार होम स्टे इकाई का संचालन स्वामित्व वाली या विकास प्राधिकरण से लीज पर प्राप्त भूमि पर निर्मित आवासीय भवन में ही होगा। इकाई के मालिक या उनका परिवार भौतिक रूप से उसमें निवास करेगा।
बी एंड बी (बेड एंड ब्रेकफास्ट) श्रेणी के तहत भी अधिकतम आठ कमरे पंजीकृत किए जा सकेंगे। इन इकाइयों में घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आवास के साथ नाश्ता और भोजन की सुविधा मिलेगी। इकाई में केयर टेकर का निवास अनिवार्य होगा। लीज पर लिए गए भवन की लीज अवधि न्यूनतम तीन वर्ष होनी चाहिए। सोलह बेड वाली डॉरमेट्री (सामूहिक शयनकक्ष) भी इस श्रेणी में पात्र मानी जाएगी।
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स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोड़ने की कोशिश
अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात ने बताया कि यह योजना केवल छोटे और मध्यम आकार के होम स्टे के लिए है। इसका उद्देश्य स्थानीय निवासियों को पर्यटन से जोड़ना है। आठ कमरों से अधिक क्षमता वाले आवासीय भवनों को पंजीकृत नहीं किया जाएगा। इसमें होटल और गेस्ट हाउस जैसी इकाइयां शामिल नहीं होंगी। नए नियमों से किफायती आवास सुविधाओं का विस्तार होगा।
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इससे पहले अधिकतम छह कमरों को ही किराये पर देने की अनुमति थी। नए नियमों के अनुसार होम स्टे इकाई का संचालन स्वामित्व वाली या विकास प्राधिकरण से लीज पर प्राप्त भूमि पर निर्मित आवासीय भवन में ही होगा। इकाई के मालिक या उनका परिवार भौतिक रूप से उसमें निवास करेगा।
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बी एंड बी (बेड एंड ब्रेकफास्ट) श्रेणी के तहत भी अधिकतम आठ कमरे पंजीकृत किए जा सकेंगे। इन इकाइयों में घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आवास के साथ नाश्ता और भोजन की सुविधा मिलेगी। इकाई में केयर टेकर का निवास अनिवार्य होगा। लीज पर लिए गए भवन की लीज अवधि न्यूनतम तीन वर्ष होनी चाहिए। सोलह बेड वाली डॉरमेट्री (सामूहिक शयनकक्ष) भी इस श्रेणी में पात्र मानी जाएगी।
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स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोड़ने की कोशिश
अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात ने बताया कि यह योजना केवल छोटे और मध्यम आकार के होम स्टे के लिए है। इसका उद्देश्य स्थानीय निवासियों को पर्यटन से जोड़ना है। आठ कमरों से अधिक क्षमता वाले आवासीय भवनों को पंजीकृत नहीं किया जाएगा। इसमें होटल और गेस्ट हाउस जैसी इकाइयां शामिल नहीं होंगी। नए नियमों से किफायती आवास सुविधाओं का विस्तार होगा।