Prayagraj : ट्रेन से गायब हो गया आरपीएफ के ऑफिस सुपरिंटेंडेंट का गहनों से भरा बैग, छिवकी स्टेशन पर हुई जानकारी
पत्नी के साथ इलाज कराने बंगलूरू जा रहे आरपीएफ में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट के पास मौजूद गहनों से भरा बैग यात्रा के दौरान ट्रेन में किसी ने उड़ा दिया। उन्हें इसकी जानकारी तब हुई जब वह छिवकी स्टेशन पहुंचे।
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पत्नी के साथ इलाज कराने बंगलूरू जा रहे आरपीएफ में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट के पास मौजूद गहनों से भरा बैग यात्रा के दौरान ट्रेन में किसी ने उड़ा दिया। उन्हें इसकी जानकारी तब हुई जब वह छिवकी स्टेशन पहुंचे। उन्होंने इसकी शिकायत रेलवे के ट्रोल फ्री नंबर पर की है। वहीं शिकायत के बाद कटनी रेलवे स्टेशन पर जीआरपीएफ स्टॉफ ने उन्हें अटेंड किया। उनका बयान लेने के बाद उन्हें ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की सलाह दी। पीड़ित ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम को बंगलूरू पहुंचने के बाद वह शिकायत दर्ज कराएंगे।
बिहार के दरभंगा थाना वहेरा गांव लबानी निवासी कृपा नाथ झा आरपीएफ में हैं। वह समस्तीपुर आरपीएफ कार्यालय में ऑफिस सुपरिंटेंडेंट पद पर कार्यरत हैं। बीते दिनों उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया था, जिसका वह बंगलूरू में इलाज करा रहे हैं। मंगलवार को वह दरभंगा से बागमती एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 12577 की कोच संख्या ए-2 की बर्थ 19 व 20 में यात्रा कर रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी मीना देवी भी मौजूद थीं। उनके अनुसार दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर ट्रेन ने पार की तो दंपती खाना खाने के बाद अपनी बर्थ में सो गए। पत्नी गहने, पैसे व अन्य दस्तावेज का बैग अपने पास रखकर सो रही थीं।
ट्रेन जब छिवकी स्टेशन पहुंची तो कृपानाथ बाथरूम जाने के लिए उठे। इस दौरान उन्होंने देखा कि उनका बैग गायब है। यह देखकर उनके होश उड़ गए। कोच में कोई सुरक्षाकर्मी न होने पर उन्होंने इसकी जानकारी अपने बेटे को दी। बेटे ने तत्काल रेलवे के ट्रोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद जब तक उन्हें कोई अटेंड करता, तब तक ट्रेन छिवकी स्टेशन से बढ़ चुकी थी। ट्रेन जब कटनी पहुंची तो जीआरपीएफ स्टॉफ ने उनको अटेंड किया और बयान दर्ज करते हुए ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की सलाह दी।
पीड़ित ने बताया कि बैग में 25 लाख रुपये के आभूषण, 75 हजार रुपये नकद व अन्य कागजात थे। वहीं दोपहर को किसी अंजान नंबर से फोन आया कि उनके कागजात से भरा बैग काशी जंक्शन के पास प्लेटफाॅर्म पर पड़ा मिला है। इसपर उन्होंने स्टेशन पर मौजूद आरपीएफ थाने में उक्त व्यक्ति से जमा कराया। बताया कि बैग में मौजूद डेबिट कार्ड से किसी ने पांच हजार रुपये भी निकाल लिए। मैसेज आने पर उन्होंने अपना एटीएम ब्लाॅक कराया। 17 फरवरी को अस्पताल में डॉक्टर से अप्वाइंटमेंटट था। यहां उनका छोटा बेटा रहता है।