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रोहिणी आयोग : सिफारिशें सार्वजनिक करने के बारे में जवाब दे केंद्र सरकार
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रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। केंद्र सरकार की ओर से मौजूद वकील के समय मांगने पर एक मई की तिथि निर्धारित की गई।
याची की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार बिंद ने पक्ष रखा। एकलव्य एजुकेशनल फाउंडेशन व अन्य की ओर से याचिका दायर करके रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की गई।
याची के अधिवक्ता ने कहा, जनता के करोड़ों रुपये खर्च कर रोहिणी आयोग की रिपोर्ट तैयार की गई, इसलिए जनता को इसे जानने का अधिकार है। इसे सार्वजनिक किया जाए।
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कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त आयोग की रिपोर्ट 21 जुलाई 23 को भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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याची की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार बिंद ने पक्ष रखा। एकलव्य एजुकेशनल फाउंडेशन व अन्य की ओर से याचिका दायर करके रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की गई।
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याची के अधिवक्ता ने कहा, जनता के करोड़ों रुपये खर्च कर रोहिणी आयोग की रिपोर्ट तैयार की गई, इसलिए जनता को इसे जानने का अधिकार है। इसे सार्वजनिक किया जाए।
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कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त आयोग की रिपोर्ट 21 जुलाई 23 को भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत की जा चुकी है, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है।