फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Roads were submerged hollow , who is constantly

लगातार धंस रहीं खोखली हो चुकीं सड़कें

Fri, 15 Jul 2016 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 15 Jul 2016 01:37 AM IST
विज्ञापन
Roads were submerged hollow , who is constantly
सड़क धंसी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
सिविल लाइंस में सड़कें धंसने की समस्या काफी हद तक कम हो गई है, लेकिन शिवकुटी से गोविंदपुर, लाला की सराय, स्वराज, सलोरी, बघाड़ा आदि में समस्या लगातार बनी हुई है। इन इलाकों में सीवर लाइन बिछाने का काम पासावंत एनर्जी एंड इनवायरमेंट कंपनी को मिला है, लेकिन कंपनी ने लोकल ठेकेदारों को काम सौंप दिया। नतीजा है कि सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों को पाटा तो गया, लेकिन गड्ढों में मिट्टी डालने के बाद ऊपर से कम्पेक्टर नहीं चलाया गया, ताकि वाइब्रेशन से मिट्टी बैठ सके। ऐसा न होने के कारण सड़कें खोखली हो गई हैं और बारिश होने पर लगातार धंस रही हैं। खतरनाक रूप से जगह-जगह अचानक सड़क धंसने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है, लेकिन जिला प्रशासन और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई कंपनी और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
विज्ञापन


गोविंदपुर में सब्जी मंडी से सेंट पीटर स्कूल होकर सलोरी से जुड़ने वाली सड़क पर सीवर लाइन बिछाई। इसके लिए सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे खोदने गए। फिर पाइप लाइन डालने के बाद ऊपर से मिट्टी डालकर गड्ढे पाट दिए गए। मिट्टी बैठ सके, इसके लिए उस पर कम्पेक्टर भी नहीं चलाया गया। यह सब काम करीब तीन माह पहले हुआ। जल्दबाजी और पैसे बचाने के चक्कर में ठेकेदारों ने आनन-फानन में गिट्टी बिछाकर सड़क भी बनवा दी। लाला की सराय, स्वराज नगर आदि में संकरी सड़क और गलियों में भी मनमानी तरीके से सीवर लाइन बिछाने के बाद गड्ढों पर पाट दिया गया। सलोरी में काटजू रोड समेत अन्य सड़कें, बघाड़ा और अल्लापुर में भी कई सड़क, गलियों में इसी तरह मनमानी तरीके से सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कें पाट दी गई।
विज्ञापन


मानक के तहत गड्ढों में मिट्टी भी भराई और कम्पेक्टर न चलाने के कारण सड़कें भीतर से खोखली हो गईं। अब बारिश होने पर यह सड़कें जगह-जगह से अचानक धंस जा रही हैं और पांच से 10 फीट के गड्ढे हो जा रहे हैं। ठेकेदारों का तर्क है कि पतली सड़क, गलियों में कम्पेक्टर चलाना संभव नहीं है, लेकिन गोविंदपुर जैसी मुख्य और चौड़ी सड़क पर कम्पेक्टर चलाए बिना सड़क बनाने और अब लगातार धंसने का जवाब उनके पास नहीं है। इकाई के अफसर यह कह कर किनारा कर ले रहे हैं कि एक बार सड़क खोदने के बाद कुछ समय तक उसके धंसने की संभावना रहती है। सवाल यह है कि जब नियम के तहत सीवर लाइन बिछाने के बाद गड्ढों में मिट्टी भरकर अगर कम्पेक्टर का इस्तेमाल किया गया होता तो शायद यह नौबत न आती, जिसका जवाब अफसरों के पास नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed