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आरओ-एआरओ पेपर लीक : मास्टर माइंड राजीव नयन की जमानत खारिज, ट्रायल कोर्ट ने सुनाया फैसला

Sun, 30 Jun 2024 07:18 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 30 Jun 2024 07:18 AM IST
सार

मामले का खुलासा तब हुआ जब 15 फरवरी को कौशाम्बी के मंझनपुर में पकड़े गए पेपर लीक कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों से पूछताछ की गई। तब पता चला कि इस प्रकरण का मास्टर माइंड राजीव नयन है।

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RO ARO paper leak: Mastermind Rajeev Nayan's bail rejected, trial court gives verdict
आरोपी राजीव नयन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला अदालत ने आरओ/एआरओ पेपर लीक का मास्टर माइंड राजीव नयन मिश्रा उर्फ राहुल मिश्रा की जमानत खारिज कर दी है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश रत्नेश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दिया है।

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11 फरवरी को दो पालियों में हुई प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नों और उनके उत्तर सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत पर आयोग के सचिव अशोक कुमार ने दो मार्च को प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले का खुलासा तब हुआ जब 15 फरवरी को कौशाम्बी के मंझनपुर में पकड़े गए पेपर लीक कराने वाले गिरोह के तीन सदस्यों से पूछताछ की गई। तब पता चला कि इस लीक प्रकरण का मास्टर माइंड राजीव नयन है। अब तक इस मामले में 16 लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

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राजीव नयन की दलील- सह अभियुक्तों के बयान से जोड़ा गया नाम

राजीव नयन ने जमानत पर रिहा किए जाने की गुहार जिला अदालत से लगाई। दलील दी कि उसका पेपर लीक मामले से कोई वास्ता नहीं है। उसका नाम सह अभियुक्तों के बयान के बाद जोड़ा गया है। उसके कब्जे कोई पेपर बरामद नहीं हुआ है। लिहाजा, उसे रिहा किया जाए।

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कोर्ट ने कहा...पेपर लीक से योग्य प्रतियोगियों में बढ़ रही कुंठा और हताशा

कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। कहा पेपर लीक से पात्र और योग्य प्रतियोगियों में कुंठा और हताशा की प्रवृत्ति बढ़ रही है। परीक्षा प्रबंधन से लोगों का भरोसा उठ रहा है। इससे सभ्य समाज और चयन आयोग की छवि धूमिल होती है। लिहाजा, याची पर लगे आरोपों में जमानत दिया जाना उचित नही है।

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