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:::देवरिया समेत सभी केंद्रों के ध्यानार्थ...स्वीकार होने से पहले कर्मचारी को इस्तीफा वापस लेने का अधिकार: हाईकोर्ट
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, सक्षम प्राधिकारी की ओर से स्वीकार होने से पहले कर्मचारी को इस्तीफा वापस लेने का अधिकार है। इस टिप्पणी संग कोर्ट ने देवरिया के मोहम्मद हुसैन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य लियाकत अली को चार हफ्ते में कार्यभार सौंपने का आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की अदालत ने देवरिया के मोहम्मद हुसैन इंटर कॉलेज, नवलपुर की प्रबंध समिति की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए दिया। प्रबंध समिति को डीआईओएस के उस आदेश से असंतुष्ट थी, जिसमें लियाकत अली को कार्यभार सौंपने का निर्देश दिया था।
मामले के मुताबिक लियाकत अली ने स्वास्थ्य कारणों से 17 अगस्त 2020 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था। इसे अनुमोदन के लिए प्रबंध समिति ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) देवरिया को संदर्भित किया था। आवेदन लंबित रहने से पहले ही लियाकत अली ने छह मार्च 2021 को अपना इस्तीफा वापस लेने का आवेदन दे दिया। लेकिन, प्रबंध समिति ने इसे डीआईओएस को प्रेषित नहीं किया। लिहाजा, डीआईओएस ने इस्तीफा मंजूर कर लिया।
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पहले इस आदेश को लियाकत ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने इस्तीफा वापसी के आवेदन पर विचार करने के लिए मामले को डीआईओएस के समक्ष वापस भेज दिया था। इसके बाद लियाकत का इस्तीफा अस्वीकार कर डीआईओएस ने प्रबंधतंत्र को निर्देशित किया कि वह प्रधानाचार्य को कार्यभार सौंपे। इसके खिलाफ प्रबंध तंत्र ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के समक्ष प्रबंध तंत्र यह साबित करने में विफल रहा कि प्रधानाचार्य को कार्यवाही सौंपने से वह किस तरह पीड़ित है। साथ ही कोर्ट ने पाया कि प्रबंधन समिति ने प्रधानाचार्य के इस्तीफा वापसी की बात डीआईओएस से छुपाई थी। लिहाजा, कोर्ट ने प्रबंधतंत्र की याचिका खारिज कर दी। साथ ही डीआईओएस को निर्देश दिया है कि यदि इस्तीफा वापसी के आवेदन पर किसी तरह की आपत्ति दाखिल की गई है तो उसे शीघ्र निस्तारित कर चार हफ्ते में प्रधानाचार्य को कार्यभार दिलाने की कार्यवाही करें।
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यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की अदालत ने देवरिया के मोहम्मद हुसैन इंटर कॉलेज, नवलपुर की प्रबंध समिति की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए दिया। प्रबंध समिति को डीआईओएस के उस आदेश से असंतुष्ट थी, जिसमें लियाकत अली को कार्यभार सौंपने का निर्देश दिया था।
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मामले के मुताबिक लियाकत अली ने स्वास्थ्य कारणों से 17 अगस्त 2020 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया था। इसे अनुमोदन के लिए प्रबंध समिति ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) देवरिया को संदर्भित किया था। आवेदन लंबित रहने से पहले ही लियाकत अली ने छह मार्च 2021 को अपना इस्तीफा वापस लेने का आवेदन दे दिया। लेकिन, प्रबंध समिति ने इसे डीआईओएस को प्रेषित नहीं किया। लिहाजा, डीआईओएस ने इस्तीफा मंजूर कर लिया।
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पहले इस आदेश को लियाकत ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने इस्तीफा वापसी के आवेदन पर विचार करने के लिए मामले को डीआईओएस के समक्ष वापस भेज दिया था। इसके बाद लियाकत का इस्तीफा अस्वीकार कर डीआईओएस ने प्रबंधतंत्र को निर्देशित किया कि वह प्रधानाचार्य को कार्यभार सौंपे। इसके खिलाफ प्रबंध तंत्र ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के समक्ष प्रबंध तंत्र यह साबित करने में विफल रहा कि प्रधानाचार्य को कार्यवाही सौंपने से वह किस तरह पीड़ित है। साथ ही कोर्ट ने पाया कि प्रबंधन समिति ने प्रधानाचार्य के इस्तीफा वापसी की बात डीआईओएस से छुपाई थी। लिहाजा, कोर्ट ने प्रबंधतंत्र की याचिका खारिज कर दी। साथ ही डीआईओएस को निर्देश दिया है कि यदि इस्तीफा वापसी के आवेदन पर किसी तरह की आपत्ति दाखिल की गई है तो उसे शीघ्र निस्तारित कर चार हफ्ते में प्रधानाचार्य को कार्यभार दिलाने की कार्यवाही करें।