{"_id":"5c7be835bdec224c164edcc8","slug":"ri-technik-s-final-selection-result-implicated","type":"story","status":"publish","title_hn":"एलटी ग्रेड के बाद अब आरआई टेक्निकल का अंतिम चयन परिणाम फंसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एलटी ग्रेड के बाद अब आरआई टेक्निकल का अंतिम चयन परिणाम फंसा
Sun, 03 Mar 2019 08:14 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 03 Mar 2019 08:14 PM IST
विज्ञापन
पीसीएस प्री का रिजल्ट
एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के बाद अब आरआई टेक्निकल का अंतिम चरण परिणाम भी फंस गया है। इस परीक्षा के तहत कुल 79 पदों पर भर्ती होनी है लेकिन विधिक अड़चन के कारण उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने 42 पदों का परिणाम रोकना की तैयारी की है। बाकी पदों पर आरक्षण व्यवस्था कैसे लागू की जाए, आयोग में अब इसको लेकर माथापच्ची हो रही है। ऐसे में परिणाम के लिए अभ्यर्थियों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
आरआई टेक्निकल के 79 पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इंटरव्यू से पहले तमाम अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका दाखिल करने वाले ऐसे अभ्यर्थी शामिल थे, जिन्हें इंटरव्यू के लिए अयोग्य करार दिया गया था। इनमें से कई अभ्यर्थी ऐसे थे जो न्यूनतम अनिवार्य अर्हता पूरी नहीं कर रहे थे और बहुत से अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा में कटऑफ से भी कम थे। हाईकोर्ट के आदेश पर इन सभी अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में प्रोविजनली तौर पर शामिल होने की अनुमति दे गई।
हाईकोर्ट ने आदेश में यह भी कहा था कि इनका चयन अंतिम आदेश के अधीन होगा। अब तकनीकी कारणों से आयोग को 42 पदों का परिणाम रोकना पड़ रहा और बाकी के 37 पदों का परिणाम जारी करने से पहले आयोग को नए सिरे से आरक्षण का निर्धारण करना पड़ेगा। आयोग को परिणाम तैयार करने में माथापच्ची करनी पड़ रही है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि शेष पदों पर आरक्षण का निर्धारण किया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम जारी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरआई टेक्निकल के 79 पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इंटरव्यू से पहले तमाम अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका दाखिल करने वाले ऐसे अभ्यर्थी शामिल थे, जिन्हें इंटरव्यू के लिए अयोग्य करार दिया गया था। इनमें से कई अभ्यर्थी ऐसे थे जो न्यूनतम अनिवार्य अर्हता पूरी नहीं कर रहे थे और बहुत से अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा में कटऑफ से भी कम थे। हाईकोर्ट के आदेश पर इन सभी अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में प्रोविजनली तौर पर शामिल होने की अनुमति दे गई।
विज्ञापन
हाईकोर्ट ने आदेश में यह भी कहा था कि इनका चयन अंतिम आदेश के अधीन होगा। अब तकनीकी कारणों से आयोग को 42 पदों का परिणाम रोकना पड़ रहा और बाकी के 37 पदों का परिणाम जारी करने से पहले आयोग को नए सिरे से आरक्षण का निर्धारण करना पड़ेगा। आयोग को परिणाम तैयार करने में माथापच्ची करनी पड़ रही है। आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि शेष पदों पर आरक्षण का निर्धारण किया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम जारी किया जाएगा।
विज्ञापन