{"_id":"603928a48ebc3e76995e3e8d","slug":"response-to-director-general-on-non-appointment-of-dlad-pass-after-inter","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंटर के बाद डीएलएड पास को नियुक्ति न देने पर महानिदेशक से जवाब तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटर के बाद डीएलएड पास को नियुक्ति न देने पर महानिदेशक से जवाब तलब
Fri, 26 Feb 2021 10:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 26 Feb 2021 10:28 PM IST
विज्ञापन
अदालत
- फोटो : file
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में चयनित अभ्यर्थी को बिना स्नातक पास किए डीएलएड की डिग्री लेने के आधार पर विद्यालय आवंटन रोकने पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा से जवाब तलब किया है। महानिदेशक ने सर्कुलर जारी कर निर्देश दिया है कि ऐसे शिक्षक जिन्होंने इंटरमीडिएट के बाद डीएलएड की डिग्री हासिल की और स्नातक बाद में किया है, नियुक्ति हेतु अर्ह नहीं है। याचिका में इस आदेश को चुनौती दी गई है। पूजा तिवारी की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची ने मध्य प्रदेश से एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उसका चयन 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में हो गया। नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया। इस बीच महानिदेशक ने सर्कुलर जारी किया, जिसके क्लाज 23 में 1981 की नियमावली की धारा 2( घ) का हवाला देकर कहा गया है कि इंटरमीडिएट के बाद बिना स्नातक पास किए सीधे प्रशिक्षण योग्यता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी चयन के लिए अर्ह नहीं हैं।
इस आधार पर याची का स्कूल आवंटन रोक दिया गया। अधिवक्ता का कहना था कि एनसीटीई द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना के तहत इंटर के बाद प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सहायक अध्यापक नियुक्त होने के लिए अर्ह हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी विक्रम सिंह व अन्य के केस में इसकी पुष्टि कर दी है। इस पर कोर्ट ने महानिदेशक से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 16 मार्च को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची ने मध्य प्रदेश से एनसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उसका चयन 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती में हो गया। नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया। इस बीच महानिदेशक ने सर्कुलर जारी किया, जिसके क्लाज 23 में 1981 की नियमावली की धारा 2( घ) का हवाला देकर कहा गया है कि इंटरमीडिएट के बाद बिना स्नातक पास किए सीधे प्रशिक्षण योग्यता प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी चयन के लिए अर्ह नहीं हैं।
विज्ञापन
इस आधार पर याची का स्कूल आवंटन रोक दिया गया। अधिवक्ता का कहना था कि एनसीटीई द्वारा 23 अगस्त 2010 को जारी अधिसूचना के तहत इंटर के बाद प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सहायक अध्यापक नियुक्त होने के लिए अर्ह हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी विक्रम सिंह व अन्य के केस में इसकी पुष्टि कर दी है। इस पर कोर्ट ने महानिदेशक से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 16 मार्च को होगी।
विज्ञापन