फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Response summoned to stop allocation of works to gram panchayats

ग्राम पंचायतों कोे कार्यों का आवंटन रोकने पर जवाब तलब

Mon, 03 Feb 2020 08:13 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 03 Feb 2020 08:13 PM IST
विज्ञापन
Response summoned to stop allocation of works to gram panchayats
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय - फोटो : file photo
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर निगम प्रयागराज के सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी होने के बाद ग्राम पंचायतों को कार्यों का आवंटन बंद करने और आर्थिक मदद रोकने पर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। सीमा विस्तार की 31 दिसंबर 2019 को जारी अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम से तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ कर रही है।
विज्ञापन


 याचिका दाखिल कर कहा गया है की जिन ग्राम पंचायतों को नगर निगम में शामिल किया गया है, उनका कार्यकाल अभी छह माह बचा है। मगर जिला पंचायत राज अधिकारी ने इन गांवों को मनरेगा के तहत कार्यों का आवंटन रोक दिया है। इसके अलावा ग्राम पंचायतों को आर्थिक मदद भी रोक दी गई है। ऑल इंडिया पंचायत परिषद के प्रयागराज जिला अध्यक्ष विजय सिंह पटेल की ओर से दाखिल याचिका पर सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा, नगर निगम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और विभू राय ने बहस की। याचिका में प्रमुख सचिव शहरी विकास सहित जिलाधिकारी प्रयागराज, नगर निगम प्रयागराज, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रयागराज आदि को पक्षकार बनाया गया है।
विज्ञापन


याची का कहना है कि बहादुरपुर ब्लॉक के 62 गांवों को नगर निगम सीमा में सम्मिलित किया जाना है । सरकार ने कुल 207 गांव को नगर निगम सीमा में शामिल करने के लिए 31 दिसंबर 2019 को अधिसूचना जारी की है। मगर इन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल अभी बचा है। इसके बावजूद पंचायतों को कार्यों का आवंटन और धन राशि का वितरण रोक दिया गया है। याचिका में मांग की गई है की पंचायतों को काम देने पर लगी रोक को हटाया जाए, उनको नए कार्यों का आवंटन किया जाए तथा ग्राम प्रधानों के कार्यों में हस्तक्षेप न किया जाए। साथ ही पंचायतों को आर्थिक मदद न रोकी जाए। कोर्ट ने इस मामले में तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने और एक सप्ताह में याची को प्रतिउत्तर दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका पर चार मार्च को अगली सुनवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed