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Prayagraj News: आंबेडकर विश्वविद्यालय की स्नानतक की डिग्री अमान्य करने पर जवाब तलब
Sun, 06 Sep 2020 03:39 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 06 Sep 2020 03:39 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से प्राप्त स्नातक की डिग्री को टीजीटी अंग्रेजी विषय के लिए मान्य करार न देने पर माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और राज्य सरकार से जानकारी मांगी है। इसे लेकर आशीष कुमार और अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव नेसुनवाई की।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याचीगण ने 2016 को विज्ञापित टीजीटी अंग्रेजी विषय के लिए आवेदन किया था। वह लिखित परीक्षा में सफल हुए और उनको साक्षात्कार में बुलाया गया। मगर साक्षात्कार में शामिल नहीं किया गया। बोर्ड का कहना है कि याचीगण के पास जो बीए की डिग्री है उसमें अंग्रेजी भाषा या अंग्रेजी साहित्य विषय के रूप में नहीं है जबकि विज्ञापन की शर्त है कि अंग्रेजी भाषा या अंग्रेजी साहित्य में कोई एक विषय के रूप में होना चाहिए।
याचीगण का कहना था कि आंबेडकर विश्वविद्यालय का आर्डिनेंस है कि दाखिले के समय संस्कृत, हिंदी और सामान्य अंग्रेजी अनिवार्य विषय के रूप में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय ने इस बात का प्रमाणपत्र भी दिया है कि उनकी सामान्य अंग्रेजी, अंग्रेजी भाषा विषय के समकक्ष है। याचीगण का यह भी कहना है कि इससे पूर्व की भर्ती में आंबेडकर विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाले अभ्यर्थियों को चयन किया गया है और अंग्रेजी अध्यापक के रूप में काम भी कर रहे हैं। बोर्ड द्वारा दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। कोर्ट ने इस मामले में दस सितंबर तक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याचीगण ने 2016 को विज्ञापित टीजीटी अंग्रेजी विषय के लिए आवेदन किया था। वह लिखित परीक्षा में सफल हुए और उनको साक्षात्कार में बुलाया गया। मगर साक्षात्कार में शामिल नहीं किया गया। बोर्ड का कहना है कि याचीगण के पास जो बीए की डिग्री है उसमें अंग्रेजी भाषा या अंग्रेजी साहित्य विषय के रूप में नहीं है जबकि विज्ञापन की शर्त है कि अंग्रेजी भाषा या अंग्रेजी साहित्य में कोई एक विषय के रूप में होना चाहिए।
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याचीगण का कहना था कि आंबेडकर विश्वविद्यालय का आर्डिनेंस है कि दाखिले के समय संस्कृत, हिंदी और सामान्य अंग्रेजी अनिवार्य विषय के रूप में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय ने इस बात का प्रमाणपत्र भी दिया है कि उनकी सामान्य अंग्रेजी, अंग्रेजी भाषा विषय के समकक्ष है। याचीगण का यह भी कहना है कि इससे पूर्व की भर्ती में आंबेडकर विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाले अभ्यर्थियों को चयन किया गया है और अंग्रेजी अध्यापक के रूप में काम भी कर रहे हैं। बोर्ड द्वारा दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। कोर्ट ने इस मामले में दस सितंबर तक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
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