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यौन उत्पीड़न की शिकायत के लिए कमेटी बनाने पर जवाब तलब
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न की घटनाओं की शिकायत के लिए हर कार्यालय में कमेटी गठित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने पर हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने राज्य सरकार 27 सितंबर तक बताने को कहा है कि कितने सरकारी कार्यालयों में ऐसी कमेटियां बनाई गई हैं और कहां-कहां नहीं हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने अनुप्रिया सहित 13 विधि छात्राओं की जनहित याचिका पर दिया है।
याचीगण का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के विशाखा केस की गाइडलाइन के तहत सभी विभागों में कार्य स्थल पर महिला कर्मियों के यौन उत्पीड़न की शिकायत हेतु कमेटी गठित करनी चाहिए। 2013 में प्रदेश में कानून बन चुका है। किंतु कमेटियों का गठन अभी तक नहीं किया जा सका है। 12 जुलाई को कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था किंतु कोई जवाब दाखिल नहीं हुआ। तो कोर्ट ने सरकार को दोबारा मौका दिया है।
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याचीगण का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के विशाखा केस की गाइडलाइन के तहत सभी विभागों में कार्य स्थल पर महिला कर्मियों के यौन उत्पीड़न की शिकायत हेतु कमेटी गठित करनी चाहिए। 2013 में प्रदेश में कानून बन चुका है। किंतु कमेटियों का गठन अभी तक नहीं किया जा सका है। 12 जुलाई को कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था किंतु कोई जवाब दाखिल नहीं हुआ। तो कोर्ट ने सरकार को दोबारा मौका दिया है।
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