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Allahabad High Court : कार्यालय में प्राप्त सूचना के दिन से माना जाएगा इस्तीफा, समिति की मंजूरी की जरूरत नहीं

Thu, 28 Jul 2022 10:58 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 28 Jul 2022 10:58 PM IST
सार

मामले में याची ने क्षेत्र पंचायत के दो सदस्यों के दिए गए इस्तीफे के बाद खाली पदों की घोषित अधिसूचना को चुनौती दी थी। याची की ओर से तर्क दिया गया कि केवल त्यागपत्र प्रस्तुत कर देने से सदस्यों का इस्तीफा नहीं मान लिया जाएगा।

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Resignation considered from of information received in the office
allahabad high court - फोटो : social media

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर के गुलावठी क्षेत्र पंचायत के दो सदस्यों के इस्तीफे की अधिसूचना को सही मानते हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख की मांग को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अधिनियम-1961 की धारा 11(2) का हवाला दिया।

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 कहा कि इस अधिनियम के तहत क्षेत्र पंचायत सदस्य का इस्तीफा कार्यालय में प्राप्त की गई सूचना के दिन से माना जाएगा। यह आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति डॉ. योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने क्षेत्र पंचायत प्रमुख नेहा यादव की याचिका को खारिज करते हुए दिया।
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मामले में याची ने क्षेत्र पंचायत के दो सदस्यों के दिए गए इस्तीफे के बाद खाली पदों की घोषित अधिसूचना को चुनौती दी थी। याची की ओर से तर्क दिया गया कि केवल त्यागपत्र प्रस्तुत कर देने से सदस्यों का इस्तीफा नहीं मान लिया जाएगा। जब तक कि क्षेत्र पंचायत की बैठक में इस्तीफे को मंजूरी नहीं दी जाती है। दोनों क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने अलग-अलग तिथियों को अपना इस्तीफा भेजा था।

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इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी ने इस्तीफे की अधिसूचना भी जारी कर दी थी। डीपीआरओ (जिला पंचायत राज अधिकारी) ने अतिरिक्त मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को पंचायत सदस्यों के इस्तीफे को स्वीकार करने के उद्देश्य से बैठक बुलाने का पत्र भेजा था। यह प्रस्तुत किया गया कि चूंकि, इस्तीफे अभी स्वीकार नहीं किए गए हैं। इसलिए रिक्ति की अधिसूचना अवैध है।


कोर्ट ने क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत अधिनियम-1961 की धारा 11(2) के हवाले से अधिसूचना को सही माना और क्षेत्र पंचायत प्रमुख की याचिका को खारिज कर दिया।

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