UP : अतीक की तीन करोड़ की दो बेनामी संपत्ति कुर्क करने को भेजी रिपोर्ट, सफाईकर्मियों के नाम पर है प्रॉपर्टी
पुलिस ने अप्रैल में इन संपत्तियों के बारे में पता लगाया था। इसके अलावा फूलपुर और हंडिया में भी करीब पांच करोड रुपए मूल्य की दो संपत्तियाें की जानकारी पुलिस को मिली थी। डीसीपी नगर दीपक भूकर ने बताया कि दोनों संपत्तियों को कुर्क करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विस्तार
माफिया अतीक की बेनामी संपत्तियों पर कार्रवाई में जुटी कमिश्नरेट पुलिस ने उसकी तीन करोड़ मूल्य की दो बेनामी संपत्तियों को कुर्क करने संबंधी कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को दोनों संपत्तियों संबंधी रिपोर्ट गैंगस्टर कोर्ट में भेज दी गई। यह दोनों संपत्तियां नैनी में स्थित हैं, जिसे माफिया ने अपने चार करीबियों के जरिये उनके सफाईकर्मी श्यामजी सरोज के नाम पर खरीदी थी।
इनमें से एक संपत्ति नैनी के अरैल और दूसरी संपत्ति मवैया गांव में स्थित है। दोनों का वर्तमान बाजरू मूल्य लगभग तीन करोड़ रुपये आंका गया है। पुलिस ने अप्रैल में इन संपत्तियों के बारे में पता लगाया था। इसके अलावा फूलपुर और हंडिया में भी करीब पांच करोड रुपए मूल्य की दो संपत्तियाें की जानकारी पुलिस को मिली थी। डीसीपी नगर दीपक भूकर ने बताया कि दोनों संपत्तियों को कुर्क करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन्हें गैंगस्टर एक्ट में कुर्क किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अतीक-अशरफ ने नवाबगंज के करौली गांव के निवासी सफाईकर्मी के नाम पर आठ करोड मूल्य की बेनामी संपत्तियां बनाईं। उसने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि अतरसुइया का रहने वाला जावेद, उसका भाई कामरान और फराज अतीक अहमद के बेहद करीबी थे। वह उनके घर सफाई का काम करता था। चारों ने अतीक-अशरफ की बेनामी संपत्तियों का बैनामा उसके नाम पर कराया। उसे बंधक बनाकर जबरन दस्तखत करवाए गए और दोनों की मौत के बाद उक्त संपत्तियों का बैनामा उनके नाम करने का दबाव भी बनाया।
कुल पांच जमीनों का कराया था बैनामा
सूत्रों का कहना है की सफाईकर्मी के नाम पर फिलहाल, पांच जमीनों का बैनामा कराने की बात पता चली है। इनमें से तीन अरैल के मीरखपुर उपरहार व मवैया और दो जमीनें हंडिया व फूलपुर के सरायइनायत में स्थित हैं। इनकी मौजूदा बाजार के अनुसार कीमत आठ करोड़ आंकी गई है। एक खास बात यह भी है कि तीन साल पहले जब इन जमीनों का बैनामा कराया गया, तब वह महज आठ हजार महीने कमाता था। मामले में उसने अपने मालिक व माफिया के गुर्गों जावेद, उसके भाई कामरान व फराज अहमद खान निवासी जीटीबी नगर करेली व शुक्ला जी नाम के एक शख्स पर अप्रैल में अतरसुइया थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है।
ब्लैंक चेक पर करा रखे थे दस्तखत, नोटिस भेजकर लिए रखा था गिरफ्त में
श्यामजी ने पुलिस की पूछताछ में अन्य खुलासे भी किए थे। बताया कि आरोपियों ने उसके नाम पर आईसीआईसीआई बैंक में खाता खुलवा रखा था। साथ ही चेकबुक, एटीएम व पासबुक अपने कब्जे में रखे थे। ब्लैंक चेक पर दस्तखत करा लिए थे। साथ ही समय-समय पर उसके नाम एनआई एक्ट के तहत नोटिस भी भेजते रहते थे। उनका ऐसा करने का मकसद यह था कि अगर वह इधर-उधर भागने की कोशिश करे तो उसे कानूनी शिकंजे में फंसा सकें।
यह है पूरा मामला
श्याम जी सरोज 15 साल से आरोपियों के घर पर रहकर साफ-सफाई का काम करता था। आरोप है कि इन लोगों ने अतीक अहमद व अशरफ के लिए डरा-धमका कर उसके नाम पर जनपद में कई स्थानों पर जमीनों की रजिस्ट्री करा दी। इसमें उपरोक्त तीनों के साथ उनका शुक्ला जी नाम का एक साथी भी शामिल था। इस दौरान उसे कई दिनों तक होटल में बंधक बनाकर रखा गया।