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प्रयागराज में पेड़ों की कटाई से हुए नुकसान की भरपाई पर रिपोर्ट तलब
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पेड़ों की कटाई से हुए नुकसान की भरपाई पर रिपोर्ट तलब
0 हाईकोर्ट ने कहा पेड़ों की सुरक्षा के लिए बनाएं निगरानी समिति
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रयागराज में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से बिगड़े पर्यावरण संतुलन को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने जानकारी मांगी है। पूछा है कि बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से हुए नुकसान की भरपाई के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से कहा है कि शहर में पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा के उपाय पर तीन सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। याचिका की अगली सुनवाई दो अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल की खंडपीठ ने छात्रा ज्योति वर्मा की जनहित याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने अधिवक्ता मनु खरे को न्यायमित्र नियुक्त किया है और कहा है कि वह शहर में लगे पेड़ों का निरीक्षण कर सुरक्षा उपायों के साथ अपनी रिपोर्ट पेश करें। अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता एके गोयल ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2019.20 में नगर निगम का 2 लाख तथा पीडीए को 35 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य है। कोर्ट ने कहा कि एक निगरानी कमेटी बनाकर लगे पेड़ों की सुरक्षा की निगरानी की जाए। केंद्र सरकार के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी से कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा करने का फंड बनाने का आदेश दिया है। इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए। सरकारी वकील ने बताया कि शहर में 35 सौ पेड़ काटे गए है और काफी संख्या में लगाए भी गए हैं । इस पर कोर्ट ने कहा कि पेपर रिपोर्ट में एक लाख पेड़ काटे जाने का जिक्र है। जो पौधे लगाए गए हैं, उनमें से 70 फीसदी सुरक्षा और देखभाल न होने के कारण सूख गए हैं। ऐसा निगरानी तंत्र बनाया जाए, जिससे लगाए गए पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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पेड़ों की कटाई से हुए नुकसान की भरपाई पर रिपोर्ट तलब
0 हाईकोर्ट ने कहा पेड़ों की सुरक्षा के लिए बनाएं निगरानी समिति
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। प्रयागराज में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से बिगड़े पर्यावरण संतुलन को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट ने जानकारी मांगी है। पूछा है कि बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से हुए नुकसान की भरपाई के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से कहा है कि शहर में पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा के उपाय पर तीन सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। याचिका की अगली सुनवाई दो अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल तथा न्यायमूर्ति आरआर अग्रवाल की खंडपीठ ने छात्रा ज्योति वर्मा की जनहित याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने अधिवक्ता मनु खरे को न्यायमित्र नियुक्त किया है और कहा है कि वह शहर में लगे पेड़ों का निरीक्षण कर सुरक्षा उपायों के साथ अपनी रिपोर्ट पेश करें। अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता एके गोयल ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2019.20 में नगर निगम का 2 लाख तथा पीडीए को 35 हजार पेड़ लगाने का लक्ष्य है। कोर्ट ने कहा कि एक निगरानी कमेटी बनाकर लगे पेड़ों की सुरक्षा की निगरानी की जाए। केंद्र सरकार के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी से कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पेड़ लगाने और उनकी सुरक्षा करने का फंड बनाने का आदेश दिया है। इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी दी जाए। सरकारी वकील ने बताया कि शहर में 35 सौ पेड़ काटे गए है और काफी संख्या में लगाए भी गए हैं । इस पर कोर्ट ने कहा कि पेपर रिपोर्ट में एक लाख पेड़ काटे जाने का जिक्र है। जो पौधे लगाए गए हैं, उनमें से 70 फीसदी सुरक्षा और देखभाल न होने के कारण सूख गए हैं। ऐसा निगरानी तंत्र बनाया जाए, जिससे लगाए गए पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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