Prayagraj : किशोरी की आत्महत्या के बाद सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट, छह दिन पहले हुई थी घटना
बहरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने बीते रविवार को साड़ी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन मामले में किसी भी प्रकार की कार्यवाही और जांच नहीं की।
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किशोरी की आत्महत्या के छह दिन बाद दुष्कर्म पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। परिजनों ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके घर के सामने से आरोपी बेटी को उठा ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बहरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने बीते रविवार को साड़ी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन मामले में किसी भी प्रकार की कार्यवाही और जांच नहीं की। किशोरी की बड़ी बहन ने थाने में तहरीर देखकर आरोप लगाया कि शनिवार की रात मेरी 15 वर्षीय छोटी बहन लघु शंका के लिए बाहर निकली थी।
तभी पड़ोस का एक युवक अपने चार साथियों के साथ मेरी बहन को जबरन उठा ले गया और कुछ दूर स्थित खड़हर में ले जाकर बारी-बारी सभी लोगों ने दुष्कर्म किया। छूटने के बाद किसी तरह से किशोरी घर पहुंची और घटना की जानकारी दी। आरोपियों के घर शिकायत किया तो किशोरी के चरित्र पर ही उंगली उठाकर उसकी बात दबा दी गई और धमकी दी गई कि तुम लोगों ने किसी से मुंह खोला तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
परेशान किशोरी इस बात से सदमे में आकर साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम में रेप की पुष्टि न होने का हवाला देकर रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तैयार नहीं थी। किशोरी के परिजनों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से भी मिलकर बहरिया पुलिस की शिकायत की। समाचार पत्रों में भी मामले को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया गया।
चारों तरफ से छीछालेदर होने पर बहरिया पुलिस ने बृहस्पतिवार देर शाम किशोरी की बड़ी बहन की तहरीर पर राममिलन पुत्र राजाराम, दीनानाथ पुत्र राम अभिलाष, रमन पुत्र हरि श्याम सहित पांच लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। शुक्रवार को एसीपी थरवई जंग बहादुर यादव मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की और परिजनों का बयान दर्ज किया।