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जल प्रदूषकों को कम करके पर्यावरण के खतरे को दूर करें
Sat, 15 Feb 2020 01:25 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 15 Feb 2020 01:25 AM IST
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एमएनएनआईटी में शुक्रवार को सुगम विकास के लिए ऊर्जा और पर्यावरण विकास पर शुरू हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने ऊर्जा और पर्यावरण से संबंधित विचारों एवं नवाचारों पर चर्चा की।
मुख्य अतिथि मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल ने कहा कि पर्यावरणीय प्रबंधन के चलते ही दुनिया का सबसे बड़ा कुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता तेहरान विवि के प्रो.रेजा जरगामी ने अपने देश में ऊर्जा संदर्भ गणितीय मॉडल के बारे में जानकारी दी। आईआईटी कानपुर के प्रो. निशीथ वर्मा ने पर्यावरणीय उपचार अनुप्रयोगों के लिए कार्बन के कई पहलुओं, विशेष रूप से वायुमंडलीय वायु और जल प्रदूषकों को कम करने के बारे में आगाह किया।
संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. एमएम गोरे ने ऊर्जा और पर्यावरण स्थिरता के प्रति संस्थान के विकास के बारे में बात की। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. एम सिराज आलम ने विभागीय गतिविधियों की व्याख्या की और ऊर्जा और पर्यावरण अनुसंधान में संकाय सदस्यों की भागीदारी के बारे में बात की।
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संयोजक डॉ. सुशील कुमार सेमिनार के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। डॉ. दीपेश पटले ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सम्मेलन में आईआईटी, एनआईटी, केंद्रीय विवि एवं सरकारी संगठनों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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मुख्य अतिथि मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल ने कहा कि पर्यावरणीय प्रबंधन के चलते ही दुनिया का सबसे बड़ा कुंभ मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता तेहरान विवि के प्रो.रेजा जरगामी ने अपने देश में ऊर्जा संदर्भ गणितीय मॉडल के बारे में जानकारी दी। आईआईटी कानपुर के प्रो. निशीथ वर्मा ने पर्यावरणीय उपचार अनुप्रयोगों के लिए कार्बन के कई पहलुओं, विशेष रूप से वायुमंडलीय वायु और जल प्रदूषकों को कम करने के बारे में आगाह किया।
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संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. एमएम गोरे ने ऊर्जा और पर्यावरण स्थिरता के प्रति संस्थान के विकास के बारे में बात की। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. एम सिराज आलम ने विभागीय गतिविधियों की व्याख्या की और ऊर्जा और पर्यावरण अनुसंधान में संकाय सदस्यों की भागीदारी के बारे में बात की।
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संयोजक डॉ. सुशील कुमार सेमिनार के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। डॉ. दीपेश पटले ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सम्मेलन में आईआईटी, एनआईटी, केंद्रीय विवि एवं सरकारी संगठनों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।