{"_id":"659c637b1dabef9a830b2ee7","slug":"relief-to-abbas-ansari-summons-issued-under-sections-of-criminal-code-canceled-allahabad-news-c-3-1-ald1028-294672-2024-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: अब्बास अंसारी को राहत, अपराध संहिता की धाराओं में जारी समन रद्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: अब्बास अंसारी को राहत, अपराध संहिता की धाराओं में जारी समन रद्द
Tue, 09 Jan 2024 02:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Tue, 09 Jan 2024 02:36 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के विरुद्ध जारी समन आदेश अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को नए सिरे से समन जारी करने का आदेश दिया है। हालांकि, हाईकोर्ट ने जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत अपराध के लिए दाखिल चार्जशीट व केस कार्यवाही रद्द करने से इन्कार कर दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने अब्बास अंसारी की धारा 482 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।याची पर विधानसभा चुनाव-2022 के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में मऊ के दक्षिण टोला थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मऊ में विचाराधीन है। याचिका में चार्जशीट और केस कार्यवाही रद्द करने की मांग की गई थी।
अब्बास अंसारी पर आरोप है कि चुनाव प्रचार के लिए गाड़ियों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं ली गई थी, फिर भी काफिला निकाला। 12 फरवरी 2022 को इस मामले में अब्बास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। याची अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने कहा कि याची के खिलाफ सियासत के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कहा, याची ने गाड़ियों का काफिला नहीं निकाला, वह केवल जनसंपर्क अभियान पर थे। जिन गाड़ियों को प्रचार में ले जाने की अनुमति दी गई थी, उसी को ले जाया गया था।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा धारा 171 एच के तहत अपराध नहीं बनता, इसलिए धारा 188 के अंतर्गत जारी समन आदेश अवैध है। धारा 171 एच का अपराध धारा 195 से बाधित है। जिसमें अधिकारी की शिकायत पर कंप्लेंट दाखिल की जा सकती है। पुलिस चार्जशीट पर मजिस्ट्रेट का संज्ञान लेना विधि सम्मत नहीं है। कोर्ट ने कहा, यह नहीं कह सकते कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 133 का अपराध नहीं बनता है। इसलिए चार्जशीट व केस कार्यवाही रद्द नहीं की जा सकती।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने अब्बास अंसारी की धारा 482 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दाखिल याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।याची पर विधानसभा चुनाव-2022 के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में मऊ के दक्षिण टोला थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट मऊ में विचाराधीन है। याचिका में चार्जशीट और केस कार्यवाही रद्द करने की मांग की गई थी।
विज्ञापन
अब्बास अंसारी पर आरोप है कि चुनाव प्रचार के लिए गाड़ियों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं ली गई थी, फिर भी काफिला निकाला। 12 फरवरी 2022 को इस मामले में अब्बास के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। याची अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने कहा कि याची के खिलाफ सियासत के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। कहा, याची ने गाड़ियों का काफिला नहीं निकाला, वह केवल जनसंपर्क अभियान पर थे। जिन गाड़ियों को प्रचार में ले जाने की अनुमति दी गई थी, उसी को ले जाया गया था।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा धारा 171 एच के तहत अपराध नहीं बनता, इसलिए धारा 188 के अंतर्गत जारी समन आदेश अवैध है। धारा 171 एच का अपराध धारा 195 से बाधित है। जिसमें अधिकारी की शिकायत पर कंप्लेंट दाखिल की जा सकती है। पुलिस चार्जशीट पर मजिस्ट्रेट का संज्ञान लेना विधि सम्मत नहीं है। कोर्ट ने कहा, यह नहीं कह सकते कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 133 का अपराध नहीं बनता है। इसलिए चार्जशीट व केस कार्यवाही रद्द नहीं की जा सकती।