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दूसरे की जगह परीक्षा दिलाने के अभ्यर्थी को राहत
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Relief for the candidate to get examination instead of another
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दूसरे की जगह परीक्षा दिलाने वाले अभ्यर्थियों को राहत
0 बीएसएफ में नियुक्ति रद्द करने के मामले में फिर से विचार का निदेश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने केंद्रीय पुलिस बल में कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों को दूसरे से परीक्षा दिलाने के आधार पर बाहर किए जाने का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याचीगण की नियुक्ति पर रणविजय सिंह बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस में दिए निर्णय के आधार पर फिर से विचार किया जाए। रणविजय सिंह केस में हाईकोर्ट ने ऐसे ही मामले में बिना सुनवाई का मौका दिए नियुक्ति रद्द करने के आदेश को खारिज कर नए सिरे से विचार करने के लिए कहा था। धरमवीर कुमार और तीन अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।
याचीगण इलाहाबाद में आयोजित केंद्रीय पुलिस बल की कांस्टेबल जीडी परीक्षा में शामिल हुए। बाद में पाया गया कि उन्होंने अपने स्थान पर किसी अन्य को परीक्षा दिलाई थी। इस आधार पर उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई। याचिका के विरोध में कहा गया कि नियुक्ति रद्द करने का आदेश पश्चिम बंगाल में दिया गया है, इसलिए याचिका यहां पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने इस दलील को नहीं माना। कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया इलाहाबाद में पूरी हुई है, इसलिए इस अदालत को सुनवाई का अधिकार है। इस मामले में कर्मचारी चयन आयोग और बीएसएफ के बीच हुए पत्राचार की प्रति भी कोर्ट में प्रस्तुत की गई, जिससे पता चला कि आयोग याचीगण के मामले में रणविजय सिंह केस के आधार पर फिर से विचार करने को तैयार है। कोर्ट ने इस आधार पर याचिका निस्तारित कर दी है।
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0 बीएसएफ में नियुक्ति रद्द करने के मामले में फिर से विचार का निदेश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने केंद्रीय पुलिस बल में कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों को दूसरे से परीक्षा दिलाने के आधार पर बाहर किए जाने का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि याचीगण की नियुक्ति पर रणविजय सिंह बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस में दिए निर्णय के आधार पर फिर से विचार किया जाए। रणविजय सिंह केस में हाईकोर्ट ने ऐसे ही मामले में बिना सुनवाई का मौका दिए नियुक्ति रद्द करने के आदेश को खारिज कर नए सिरे से विचार करने के लिए कहा था। धरमवीर कुमार और तीन अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।
याचीगण इलाहाबाद में आयोजित केंद्रीय पुलिस बल की कांस्टेबल जीडी परीक्षा में शामिल हुए। बाद में पाया गया कि उन्होंने अपने स्थान पर किसी अन्य को परीक्षा दिलाई थी। इस आधार पर उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई। याचिका के विरोध में कहा गया कि नियुक्ति रद्द करने का आदेश पश्चिम बंगाल में दिया गया है, इसलिए याचिका यहां पोषणीय नहीं है। कोर्ट ने इस दलील को नहीं माना। कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया इलाहाबाद में पूरी हुई है, इसलिए इस अदालत को सुनवाई का अधिकार है। इस मामले में कर्मचारी चयन आयोग और बीएसएफ के बीच हुए पत्राचार की प्रति भी कोर्ट में प्रस्तुत की गई, जिससे पता चला कि आयोग याचीगण के मामले में रणविजय सिंह केस के आधार पर फिर से विचार करने को तैयार है। कोर्ट ने इस आधार पर याचिका निस्तारित कर दी है।
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