विज्ञापन
विज्ञापन

अल्पसंख्यक आयोग के दखल के बाद शुरू हुई थी पुनर्विवेचना

Allahabad Bureauइलाहाबाद ब्यूरो Updated Sun, 13 Oct 2019 01:40 AM IST
Reinterpretation started after the intervention of the Minorities Commission
Reinterpretation started after the intervention of the Minorities Commission
ख़बर सुनें
अल्पसंख्यक आयोग के दखल के बाद शुरू हुई थी पुनर्विवेचना
विज्ञापन
उचित धाराओं न लगाने पर तलब हुए थे तत्कालीन अधिकारी
जांच के बाद धाराएं बढ़ाने के लिए शासन से मांगी गई है अनुमति
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। वक्फ संपत्ति में अवैध निर्माण कराने को लेकर कोतवाली में दर्ज मामले की जांच को लेकर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। उचित धाराओं में मुकदमा न दर्ज किए जाने की शिकायत मिलने पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने जिले के तत्कालीन अधिकारियों को तलब कर नाराजगी जताई थी। जिसके बाद दोबारा विवेचना शुरू हुई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर धाराएं बढ़ाने का निर्णय लिया गया, जिसकी अनुमति के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
मामला कोतवाली के पुराना जीटी रोड स्थित गुलाम हैदर त्रिपोलिया इमामबाड़े से संबंधित था जो वक्फ संपत्ति है। 2016 में मामला दर्ज होने पर कोतवाली में तैनात एसआई सर्वेश सिंह ने विवेचना शुरू की। इसी दौरान उनका तबादला होने के बाद विवेचना एसआई मोइनुद्दीन बेग को मिली। जिन्होंने विवेचना उपरांत तहरीर में लगाए गए आरोपों को सही पाया। साथ ही इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के साथ ही इमामबाड़े के खुल्दाबाद रोशनबाग निवासी केयरटेकर की भी संलिप्तिता पाई। जिस पर दोनों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया।
बताया जाता है कि आरोपपत्र दाखिल होने के कुछ दिनोें बाद ही कुछ लोगों ने इस मामले से संबंधित एक शिकायत राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि इमामबाड़े का मूल स्वरूप बिगाड़कर धार्मिक भवनाएं भड़काने व वैमनस्यता फैलाने की भी कोशिश की गई। इसके बावजूद पुलिस ने उचित धाराएं नहीं लगाई। मामले में अल्पसंख्यक आयोग ने पुलिस प्रशासन के अफसरों को तलब कर नाराजगी भी जताई थी। साथ ही उचित धाराएं लगाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मामले की पुनर्विवेचना शुरू हुई। दोबारा विवेचना के दौरान पाया गया कि आयोग में की गई शिकायतें सही थीं और आरोपियों के कृत्य से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। जिसके बाद मामले में संबंधित धाराएं बढ़ाने का निर्णय लिया गया। कोतवाली पुलिस ने बताया कि इन धाराओं को बढ़ाने के लिए शासन की अनुमति जरूरी है, जिसके लिए पत्राचार किया गया है।
सवालों के घेरे में रही पुलिस, नहीं की कार्रवाई
प्रयागराज। इस मामलेे में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी एमएम अंसारी की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में रही। दरअसल मुकदमा वादी आवास विकास परिषद के जेई सुधाकर मिश्रा ने दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि कई बार लिखित पत्राचार करने के बावजूद पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई नहीं की। तहरीर में कहा गया था कि मामले की जानकारी के बाद 11 दिसंबर 2015 को कोतवाल को अवैध निर्माण कार्य बंद किए जाने के लिए अधिकृत किए जाने के बाद भी कार्य बदस्तूर जारी रहा। इसके बाद परिषद अफसरों की ओर से पांच बार पत्र भेजकर निर्माण पर रोक लगाने की मांग की गई लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। यही नहीं 10 जून 2016 को तहरीर देने के बावजूद रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई।
विज्ञापन

Recommended

आखिर भारतीयों को क्यो पसंद है रमी खेलना?
Junglee Rummy

आखिर भारतीयों को क्यो पसंद है रमी खेलना?

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Prayagraj

यूपी स्पेशल टास्क फोर्स और बदमाशों के बीच मुठभेड़, एक ढेर

यूपी एसटीफ की नोएडा यूनिट और प्रतापगढ़ पुलिस की थाना रानीगंज क्षेत्र प्रतापगढ़ अंतर्गत बदमाशों से मुठभेड़ हुई है।

22 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

कमलेश तिवारी हत्याकांड में ATS को मिली कामयाबी, दोनों मुख्य आरोपी गिरफ्तार

कमलेश तिवारी हत्याकांड में फरार दोनों आरोपियों को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपियों के नाम अश्फाक और मुईनुद्दीन है.

22 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree