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राज्य विवि को जल्द मिलेंगे नियमित शिक्षक

Sun, 18 Jun 2017 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 18 Jun 2017 01:55 AM IST
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Regular teachers will meet State University soon
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय को जल्द ही नियमित शिक्षक मिल जाएंगे। शनिवार को राज्य विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने आए डिप्टी सीएम एवं शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि यह घोषणा की। उन्होंने और समारोह के अध्यक्ष राज्यपाल राम नाईक समेत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। राज्यपाल और शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय में स्मार्ट क्लासरूम और विश्वविद्यालय की प्रगति से संबंधित एक वृत्तचित्र का भी लोकार्पण किया।
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सीपीआई कैंपस स्थित राज्य विश्वविद्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत में कुलपति ने विश्वविद्यालय की एक साल की रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शासन से मंजूरी का इंतजार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही सरकार नियुक्ति की अनुमति देगी। इसके साथ ही उन्होंने सरस्वती हाईटेक सिटी नैनी में हार्वर्ड विश्वविद्यालय की तर्ज पर बन रही बिल्डिंग के लिए बाकी रह गई धनराशि की मांग की। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की सफलता के लिए जरूरी नहीं कि बिल्डिंग चमकदार हो, बल्कि शिक्षक अच्छे होने चाहिए।
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उन्होंने कहा कि जल्द ही नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा। बिल्डिंग के लिए भी पैसा मिलेगा।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि एक साल में राज्य विश्वविद्यालय ने बड़ी उपलब्धि अर्जित की। कहा कि वह 28 राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। इनमें से 24 विश्वविद्यालयों में नियमित सत्र हो जाने से हर साल दीक्षांत समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। बाकी विश्वविद्यालयों को खुले अब एक से दो वर्ष हुए हैं, सो वहां दीक्षांत समारोह के आयोजन की नौबत ही नहीं आई। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय पर तंज कसते हुए बोले कि वह एक दिन वेबसाइट पर देख रहे थे कि इविवि का आखिरी दीक्षांत समारोह कब हुआ था। वेबसाइट पर इसकी सूचना ही नहीं थी।
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राज्य विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह स्थल पर एमएलसी बासुदेव यादव के रवैये से राज्यपाल हैरत में पड़ गए। कार्यक्रम के दौरान ही एमएलसी राज्यपाल को ज्ञापन देने पहुंचे गए और कानून व्यवस्था के मसले पर बोलने लगे। राज्यपाल ने उस वक्त ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया और बाद में मिलने को कहा। समारोह के अंत में उन्होंने मंच से ही एमएलसी को राजभवन में मिलने के लिए आमंत्रित किया।

कार्यक्रम शुरू ही हुआ था कि सामने दर्शक दीर्घा में सबसे आगे बैठे एमएलसी एवं सपा नेता हाथ में ज्ञापन लेकर खड़े हो गए और बदहाल कानून व्यवस्था, किसानों की आत्महत्या एवं अवरुद्ध विकास कार्यों पर बोलने लगे। ऐसे में कार्यक्रम कुछ देर के लिए रुक गया। वह उसी वक्त राज्यपाल को ज्ञापन देना चाह रहे थेे। राज्यपाल ने मंच से ही कहा कि कुछ देर रुक जाएं, कार्यक्रम के बाद मुलाकात करेंगे, लेकिन एमएलसी नहीं माने और मंच की ओर बढ़ गए। इस पर सुरक्षा कर्मी ने उन्हें रोक लिया और उनसे ज्ञापन लेकर राज्यपाल को दिया। समारोह के अंत में अपना अभिभाषण पूरा करने के बाद राज्यपाल ने कहा कि सामने बैठे एमएलसी को जल्दी थी, हालांकि अभी तक वह बैठे हैं। मंच से ही राज्यपाल बोले कि 1059 दिन के कार्यकाल में वह राजभवन में 70589 लोगों से मिले। 1017 कार्यक्रमों में शामिल हुए। एमएलसी से कहा कि सबसे मिलते हैं, उनसे भी मिलेंगे। राज्यपाल ने एमएलसी को राजभवन आने के लिए आमंत्रित किया और कहा कि वहां गंभीर मुद्दों पर विस्तार से बात करेंगे।

राज्य विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार संजय कुमार का तबादला कर दिया गया है। उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, फैजाबाद का रजिस्ट्रार बनाया गया है। उनकी जगह महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलसचिव साहब लाल मौर्य को राज्य विश्वविद्यालय का रजिस्ट्रार बनाकर भेजा गया है।


अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने राज्य विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। राज्य विश्वविद्यालय में ज्ञापन देने पहुंचे एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने व्हाट्सएप पर आउट हुए पेपर समेत भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य मुद्दों से राज्यपाल को अवगत कराया। इस पर राज्यपाल और वहां मौजूद शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद से मेल से मामले की रिपोर्ट भेजने को कहा। ज्ञापन देने वालों में अंशुल विद्यार्थी, भूपेंद्र सिंह, रोहित मिश्र, डॉ. अमेश द्विवेदी, विष्णुकांत, बृजेश यादव, अनुज शर्मा आदि शामिल रहे।
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