प्रयागराज। संस्था शाश्वत की पहल पर मौजूदा परिवेश में टूटते परिवार और बढ़ते तलाक के मुकदमों के बीच दांपत्य में आई दरार के साथ ही बच्चों पर पड़ते दुष्प्रभाव जैसे सवाल रविवार को शिद्दत के साथ उठाए गए। ऋतंधरा मिश्रा के निर्देशकीय कौशल में समसामयिक मानवीय संबंधों को उकेरते सुरेंद्र वर्मा के नाटक ‘रेगिस्तान में खरगोश’ के माध्यम से सामाजिक सच का पूरा तानाबाना बखूबी प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति दर्शकों को अंतिम समय तक बांधे रखने में कामयाब रही।
संगीत नाटक अकादमी के सहयोग से महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के विस्तार केंद्र में मंचित प्रस्तुति में स्वयं ऋतंधरा ने वृद्धा, रति श्रीवास्तव ने स्त्री और एंजिला सिंह ने लड़की की भूमिकाएं प्रभावी तरीके से निभाईं। विनय श्रीवास्तव का संगीत संचालन और अखिलेश प्रजापति की प्रकाश परिकल्पना भी प्रस्तुति के अनुरूप रही। वेशभूषा की जिम्मेदारी प्रतिभा मिश्रा एवं ऋषा मिश्रा ने निभाई। उद्घोषणा प्रतिभा नागपाल ने की। अतिथियों प्रो.अखिलेेश कुमार दुबे, डॉ.रामजी मिश्र ने प्रस्तुति को सराहा।