फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Refuses to quash summons order in 20-year-old criminal complaint

हाईकोर्ट : 20 साल पुराने आपराधिक परिवाद में समन आदेश रद्द करने से इन्कार

Sat, 17 Oct 2026 03:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 17 Oct 2026 03:06 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 साल पुराने आपराधिक परिवाद में समन आदेश और पूरी कार्यवाही रद्द करने से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति विक्रम डी.चौहान की एकल पीठ ने पद्माकर राय की याचिका पर कहा कि इस स्तर पर समन आदेश की वैधता की समीक्षा नहीं की जा सकती।

विज्ञापन
Refuses to quash summons order in 20-year-old criminal complaint
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 साल पुराने आपराधिक परिवाद में समन आदेश और पूरी कार्यवाही रद्द करने से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति विक्रम डी.चौहान की एकल पीठ ने पद्माकर राय की याचिका पर कहा कि इस स्तर पर समन आदेश की वैधता की समीक्षा नहीं की जा सकती।

विज्ञापन


शशि देवी ने पद्माकर राय के खिलाफ प्रयागराज स्थित एमपी/एमएलए के विशेष न्यायालय (अपर सत्र न्यायाधीश) में परिवाद दाखिल किया था। ट्रायल कोर्ट ने 29 जून 2006 को उन्हें समन जारी किया था। याचिका में दलील दी गई कि पद्माकर राय लोक सेवक हैं। उनके अभियोजन के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं ली गई। यह भी कहा गया कि मामले के अन्य आरोपी अलग ट्रायल के बाद बरी हो चुके हैं।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि अभियोजन स्वीकृति का प्रश्न क्षेत्राधिकार से संबंधित होने के बावजूद कानून और तथ्यों का मिश्रित प्रश्न है। दो दशक से अधिक समय से लंबित कार्यवाही को देखते हुए इस स्तर पर इसकी जांच करना उचित नहीं है। कोर्ट ने आवेदक को संबंधित अदालत में जाने की स्वतंत्रता देते हुए जमानत के मामले में शीघ्र निर्णय लेने का आदेश दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed