{"_id":"63c6d6791af10226b103da7b","slug":"refusal-to-quash-criminal-case-against-gm-and-dgm-of-bsnl-2023-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"High Court : बीएसएनएल के महाप्रबंधक व उप महाप्रबंधक के खिलाफ आपराधिक केस खत्म करने से इन्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
High Court : बीएसएनएल के महाप्रबंधक व उप महाप्रबंधक के खिलाफ आपराधिक केस खत्म करने से इन्कार
Tue, 17 Jan 2023 10:40 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 17 Jan 2023 10:40 PM IST
सार
कोर्ट ने कहा टेंडर के लिए घूस मांगा या नहीं,तथ्य व साक्ष्य का प्रश्न है जो विचारण में ही तय हो सकता है। एक आरोपी घूस की रकम के साथ रंगेहाथ पकड़ा गया है। कोर्ट कार्यवाही यह कहने पर नहीं रद्द कर सकती कि घूस मांगने का कोई सबूत नहीं है,अभी साबित नहीं हुआ है।
विज्ञापन
अदालत
- फोटो : social media
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टेलीकॉम कंपनी के महाप्रबंधक राम विलास वर्मा व भारत संचार निगम लिमिटेड बुलंदशहर के उप महाप्रबंधक राजेन्द्र सिंह वर्मा के खिलाफ आपराधिक मुकदमे को रद करने से इंकार कर दिया है। इन पर आप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के टेंडर में मेसर्स ईगल कांस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर पवन कुमार से घूस मांगने का आरोप है।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा टेंडर के लिए घूस मांगा या नहीं,तथ्य व साक्ष्य का प्रश्न है जो विचारण में ही तय हो सकता है। एक आरोपी घूस की रकम के साथ रंगेहाथ पकड़ा गया है। कोर्ट कार्यवाही यह कहने पर नहीं रद्द कर सकती कि घूस मांगने का कोई सबूत नहीं है, अभी साबित नहीं हुआ है। यह आदेश न्यायमूर्ति डी के सिंह ने राम विलास वर्मा व अन्य की याचिका को खारिज करते हुए दिया है। याचिका पर सी बी आई के वरिष्ठ अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश व संजय यादव ने प्रतिवाद किया।
विज्ञापन
पवन कुमार ने सी बी आई थाना गाजियाबाद में 13 दिसंबर 19 को एफ आई आर दर्ज कराई। जिसमें आरोप लगाया गया है कि दोनों अधिकारियों ने टेंडर राशि का 5 फीसदी व 3 फीसदी घूस मांगा। न मानने पर टेंडर निरस्त कर दिया।एक ट्रैप में पकड़ा गया।टेंडर 23513214 रूपये का था। 7 ब्लाक फाइबर केबल डालना था। पहले ही 60 लाख में चार ब्लॉक का टेंडर मिला था।उसे भी निरस्त करने की धमकी दी। याची का कहना था कि घूस मांगने का कोई सबूत नहीं है। बरामदगी भी साबित नहीं हुई है। इसलिए केस कार्यवाही रद्द की जाय।
विज्ञापन
सीबीआई अधिवक्ता का कहना था कि आवाज की फोरेंसिक जांच कराई गई जो मैच कर गई है।और केस डायरी का हिस्सा है। कोर्ट ने चार्ज निर्मित कर लिया है। कोर्ट ने सी बी आई कोर्ट गाजियाबाद में विचाराधीन केस पर हस्तक्षेप करने से इन्कार कर दिया है।