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शुआट्स से ‘लाल’ परिवार की विदाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 22 Dec 2017 01:12 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सैम हिग्गिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय (शुआट्स) से वीसी आरबी लाल और उनके परिवार के सभी सदस्य हट गए हैं। उनके स्थान पर विवि सीनेट ने नए पदाधिकारियों की तैनाती कर दी है। यह सब बदलाव पिछले कई महीने से एक्सिस बैंक सहित अन्य अनियमितताओं में उनके फंसने के कारण किया गया है। शुआट्स कुलाधिपति एवं सर्वोच्च संस्था सीनेट के चेयरमैन डा. जेए ओलीवर ने विश्वविद्यालय के सौहार्दपूर्ण वातावरण में नियमित शैक्षिक व प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू एवं व्यवस्थित बनाए रखने के लिए कार्यवाहक कुलपति, प्रोवीसी, कार्यवाहक कुलसचिव एवं निदेशक प्रशासन की नियुक्ति कर दी है।
इन पदों पर नियुक्ति को राज्य अधिनियम की धारा 12-2 एवं 13.1 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है। कुलाधिपति ओलीवर ने वरिष्ठ प्रोफेसर डा. नाहर सिंह को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया है। प्रोफेसर अजीत पॉल को कार्यवाहक कुलसचिव, डीएम डेनिस को एसबी लाल की जगह कार्यवाहक प्रोवीसी बनाया गया है। निदेशक प्रशासन विनोद बी. लाल के स्थान पर रिटचन दास की तैनाती की गई है। शुआट्स के इन पदाधिकारियों के खिलाफ एक्सिस बैंक के घोटाले, नैनी में शुआट्स की जमीन घोटाले सहित कई मामलों में मुकदमे दर्ज थे। उन्हीं में से तीन में विनोद बी. लाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। प्रोवीसी एसबी लाल और कुलपति आरबी लाल की तलाश है। ये भी विभिन्न आरोपों में नामजद हैं और हाईकोर्ट ने इनकी गिरफ्तारी पर रोक से इंकार कर दिया है। इन सभी को सरकारी कोष से वेतन मिलता है। पिछले दिनों पुलिस एवं प्रशासनिक कार्रवाई के कारण कार्रवाई प्रस्तावित होने के कारण पहले से ही यह बदलाव किया गया है।
शुआट्स में विजीटर बैठाए जाने की प्रशासन की अनुशंसा पर सरकार कोई कार्रवाई करती, इससे पहले ही वीसी आरबी लाल ने अपना दांव चल दिया। माना जा रहा है कि आनन-फानन में कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति कर आरबी लाल ने शुआट्स की कमान अपने हाथ में रखने की पूरी कोशिश की है। हालांकि खेल अभी बाकी है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कुलपति की मंशा पर पानी फेरने के लिए सरकार से मंत्रणा कर जल्द ही कोई ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। एक्सिस बैंक घोटाला, नैनी में शुआट्स की जमीन पर अवैध कब्जा, शहर के आधा दर्जन क्रिश्चियन स्कूलों पर अवैध ढंग से कब्जा तथा बिना मान्यता के अवैध स्कूल संचालित कराने के मुकदमे लाल परिवार पर दर्ज हैं। किसी न किसी अपराध में इन सभी के खिलाफ मुकदमे हैं। जिसके कारण उनके शुआट्स में प्रमुख पदों पर पर बने रहना संभव नहीं था। स्थानीय प्रशासन ने संस्थान में विजीटर बैठाए जाने की अनुशंसा की थी।
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शुआट्स के बारे में डीएम एवं एसडीएम की रिपोर्ट पर शासन स्तर से कोई कार्रवाई हो, उससे पहले ही शुआट्स के मौजूदा प्रबंध तंत्र ने कुलपति, प्रोवीसी, रजिस्ट्रार और निदेशक प्रशासन के पद पर नई नियुक्ति कर दी है। माना जा रहा है कि नए सभी पदाधिकारी लाल परिवार के कहने से ही नियुक्त किए गए हैं। दूसरी ओर शुआट्स में इस बदलाव को स्थानीय खुफिया एजेंसियों ने गंभीरता से लिया है। इस बारे में शासन स्तर पर रिपोर्ट भेज दी गई है। वहीं दूसरी ओर शुआट्स प्रबंधन का कहना है कि संस्थान के बॉयलाज के अनुसार ही नियुक्ति की गई है।
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इन पदों पर नियुक्ति को राज्य अधिनियम की धारा 12-2 एवं 13.1 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है। कुलाधिपति ओलीवर ने वरिष्ठ प्रोफेसर डा. नाहर सिंह को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त किया है। प्रोफेसर अजीत पॉल को कार्यवाहक कुलसचिव, डीएम डेनिस को एसबी लाल की जगह कार्यवाहक प्रोवीसी बनाया गया है। निदेशक प्रशासन विनोद बी. लाल के स्थान पर रिटचन दास की तैनाती की गई है। शुआट्स के इन पदाधिकारियों के खिलाफ एक्सिस बैंक के घोटाले, नैनी में शुआट्स की जमीन घोटाले सहित कई मामलों में मुकदमे दर्ज थे। उन्हीं में से तीन में विनोद बी. लाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। प्रोवीसी एसबी लाल और कुलपति आरबी लाल की तलाश है। ये भी विभिन्न आरोपों में नामजद हैं और हाईकोर्ट ने इनकी गिरफ्तारी पर रोक से इंकार कर दिया है। इन सभी को सरकारी कोष से वेतन मिलता है। पिछले दिनों पुलिस एवं प्रशासनिक कार्रवाई के कारण कार्रवाई प्रस्तावित होने के कारण पहले से ही यह बदलाव किया गया है।
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शुआट्स में विजीटर बैठाए जाने की प्रशासन की अनुशंसा पर सरकार कोई कार्रवाई करती, इससे पहले ही वीसी आरबी लाल ने अपना दांव चल दिया। माना जा रहा है कि आनन-फानन में कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति कर आरबी लाल ने शुआट्स की कमान अपने हाथ में रखने की पूरी कोशिश की है। हालांकि खेल अभी बाकी है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कुलपति की मंशा पर पानी फेरने के लिए सरकार से मंत्रणा कर जल्द ही कोई ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। एक्सिस बैंक घोटाला, नैनी में शुआट्स की जमीन पर अवैध कब्जा, शहर के आधा दर्जन क्रिश्चियन स्कूलों पर अवैध ढंग से कब्जा तथा बिना मान्यता के अवैध स्कूल संचालित कराने के मुकदमे लाल परिवार पर दर्ज हैं। किसी न किसी अपराध में इन सभी के खिलाफ मुकदमे हैं। जिसके कारण उनके शुआट्स में प्रमुख पदों पर पर बने रहना संभव नहीं था। स्थानीय प्रशासन ने संस्थान में विजीटर बैठाए जाने की अनुशंसा की थी।
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शुआट्स के बारे में डीएम एवं एसडीएम की रिपोर्ट पर शासन स्तर से कोई कार्रवाई हो, उससे पहले ही शुआट्स के मौजूदा प्रबंध तंत्र ने कुलपति, प्रोवीसी, रजिस्ट्रार और निदेशक प्रशासन के पद पर नई नियुक्ति कर दी है। माना जा रहा है कि नए सभी पदाधिकारी लाल परिवार के कहने से ही नियुक्त किए गए हैं। दूसरी ओर शुआट्स में इस बदलाव को स्थानीय खुफिया एजेंसियों ने गंभीरता से लिया है। इस बारे में शासन स्तर पर रिपोर्ट भेज दी गई है। वहीं दूसरी ओर शुआट्स प्रबंधन का कहना है कि संस्थान के बॉयलाज के अनुसार ही नियुक्ति की गई है।