सुलहनामे की ‘रेखा’ से फिलहाल बची रहेगी जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी
रेखा सिंह के जिला पंचायत अध्यक्ष बने रहने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हस्तक्षेप के बाद रेखा सिंह और सांसद केशरी देवी पटेल के बीच विवाद खत्म हो गया है। केशरी देवी पटेल के आवास पर मंगलवार को हुई बैठक के बाद दोनों जिलाध्यक्षों ने संयुक्त बयान जारी किया। इसके अनुसार दोनों पक्ष के जिला पंचायत सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बैठक दूर से रहेंगे। अमर उजाला ने रेखा सिंह की अध्यक्षी बरकरार रहने का अनुमान एक दिन पूर्व ही जता दिया था।
रेखा सिंह के खिलाफ केशरी देवी पटेल के समर्थक पंचायत सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। न्यायालय के आदेश पर बृहस्पतिवार को पुनर्मतदान होना है। कुल जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 92 है। ऐसे में अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने के लिए कम से कम 47 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। चूंकि सांसद केशरी देवी और रेखा सिंह दोनों अब भाजपा में हैं। ऐसे में पुनर्मतदान को लेकर पार्टी के भीतर खींचतान शुरू हो गई थी। यह विवाद कहीं आगामी विधानसभा चुनाव को न प्रभावित करे इसके लिए शीर्ष नेतृत्व ने हस्तक्षेप किया।
उप मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में मंगलवार को केशरी देवी पटेल के आवास पर रेखा सिंह पहुंचीं और पूरे विवाद का पटाक्षेप हो गया। बैठक में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके बाद पार्टी के दोनों जिलाध्यक्षों अश्वनी द्विवेदी और विभव नाथ भारतीय ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि दोनों पक्ष के जिला पंचायत सदस्य अविश्वास प्रस्ताव के लिए होने वाली बैठक से तटस्थ रहेंगे।
केशरी देवी पटेल के पुत्र पूर्व विधायक दीपक पटेल का कहना है कि विवाद खत्म हो गया है। अविश्वास प्रस्ताव के बैठक से सदस्य दूर रहेंगे। रेखा सिंह के पति अशोक सिंह का भी कहना है कि केशरी देवी के साथ अब किसी तरह का मतभेद नहीं रह गया है। बैठक में सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी, विधायक विक्रमाजीत मौर्य, पूर्व विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, अरुण अग्रवाल, पवन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।