{"_id":"60f58fac8ebc3e5f2e56a61c","slug":"recommendation-for-dismissal-of-teacher-for-non-presentation-of-certificate","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमाणपत्र प्रस्तुत न करने पर शिक्षक को बर्खास्त करने की संस्तुति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमाणपत्र प्रस्तुत न करने पर शिक्षक को बर्खास्त करने की संस्तुति
Mon, 19 Jul 2021 08:13 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 19 Jul 2021 08:13 PM IST
सार
- सीएमपी डिग्री कॉलेज में विधि विभाग के डॉ. सत्यवान नायक की नियुक्ति पर विवाद
- वेतन की वसूली भी होगी, मामले में गवर्निंग बॉडी शिक्षक को पहले ही कर चुकी है निलंबित
विज्ञापन
prayagraj news : सीएमपी डिग्री कॉलेज।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
सीएमपी डिग्री कॉलेज के विधि विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्यवान नायक को फर्जी जाति प्रमाणपत्र के मामले में बर्खास्त किया जाएगा और उनसे वेतन की रिकवरी भी की जाएगी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्त्व के निर्देश पर डीन कॉलेज डेवलपमेंट प्रो. पंकज कुमार ने कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन को पत्र भेजकर इस कार्रवाई की संस्तुति की है।
डॉ. नायक की सीएमपी डिग्री कॉलेज में नियुक्ति मई 2018 में हुई थी। उन्हें अनुसूचित जनजाति यानी एसटी श्रेणी के तहत आरक्षित सीट पर नियुक्ति दी गई थी। आरोप है कि उन्होंने फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाया था। मामला सामने आने पर गवर्निंग बॉडी ने डॉ. नायक को दिसंबर 2019 में निलंबित कर दिया था और वेतन भी रोक दिया था। यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक गया और पिछले दिनों प्रधानामंत्री कार्यालय से इस बारे में जवाब मांग लिया गया। पीएमओ से आए पत्र के आधार पर डीन कॉलेज डेवलपमेंट ने सीएमपी डिग्री कॉलेज को पत्र जारी कर जवाब मांगा।
वहां से बताया गया कि डॉ. नायक को मूल जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया था। 90 दिनों का वक्त बीत चुका है और उन्होंने मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया है। महाविद्यालय से जवाब मिलने के बाद डीन कॉलेज डेवलपमेंट ने कुलपति को पूरे मामले से अवगत कराया और अब कुलपति के निर्देश पर उन्होंने गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन को पत्र लिखकर डॉ. नायक को बर्खास्त करने और वेतन की रिकवरी करने की संस्तुति की है। इस मामले में गवर्र्निंग बॉडी किसी भी दिन बैठक बुलाकर कार्रवाई कर सकती है।
विज्ञापन
‘पीएमओ से आए पत्र के आधार पर कॉलेज से जवाब मांगा गया था। कुलपति को भी मामले से अवगत कराया गया था। उनके निर्देश पर गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन को पत्र लिखकर डॉ. नायक को बर्खास्त करने और वेतन वसूली के लिए कहा गया है। कार्रवाई की रिपोर्ट पीएमओ को भी भेजी जाएगी।-’ प्रो. पंकज कुमार, डीन कॉलेज डेवलपमेंट
विज्ञापन
डॉ. नायक की सीएमपी डिग्री कॉलेज में नियुक्ति मई 2018 में हुई थी। उन्हें अनुसूचित जनजाति यानी एसटी श्रेणी के तहत आरक्षित सीट पर नियुक्ति दी गई थी। आरोप है कि उन्होंने फर्जी जाति प्रमाणपत्र लगाया था। मामला सामने आने पर गवर्निंग बॉडी ने डॉ. नायक को दिसंबर 2019 में निलंबित कर दिया था और वेतन भी रोक दिया था। यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक गया और पिछले दिनों प्रधानामंत्री कार्यालय से इस बारे में जवाब मांग लिया गया। पीएमओ से आए पत्र के आधार पर डीन कॉलेज डेवलपमेंट ने सीएमपी डिग्री कॉलेज को पत्र जारी कर जवाब मांगा।
विज्ञापन
वहां से बताया गया कि डॉ. नायक को मूल जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए 60 दिन का समय दिया गया था। 90 दिनों का वक्त बीत चुका है और उन्होंने मूल प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया है। महाविद्यालय से जवाब मिलने के बाद डीन कॉलेज डेवलपमेंट ने कुलपति को पूरे मामले से अवगत कराया और अब कुलपति के निर्देश पर उन्होंने गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन को पत्र लिखकर डॉ. नायक को बर्खास्त करने और वेतन की रिकवरी करने की संस्तुति की है। इस मामले में गवर्र्निंग बॉडी किसी भी दिन बैठक बुलाकर कार्रवाई कर सकती है।
विज्ञापन
‘पीएमओ से आए पत्र के आधार पर कॉलेज से जवाब मांगा गया था। कुलपति को भी मामले से अवगत कराया गया था। उनके निर्देश पर गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन को पत्र लिखकर डॉ. नायक को बर्खास्त करने और वेतन वसूली के लिए कहा गया है। कार्रवाई की रिपोर्ट पीएमओ को भी भेजी जाएगी।-’ प्रो. पंकज कुमार, डीन कॉलेज डेवलपमेंट