SRN Hospital : चूहे खा रहे प्रोटीन, लाखों की दवाओं को पहुंचा रहे नुकसान, हर महीने लग रही हजारों की चपत
एसआरएन अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन कक्ष के पास अमृत फार्मेसी की स्थापना की गई है। जहां जेनरिक और पेटेंट दोनों प्रकार की दवा के साथ सर्जिकल का उपकरण भी मौजूद रहता है। इस फार्मेसी का सबसे ज्यादा लाभ आयुष्मान कार्ड धारकों को होता है।
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स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) के परिसर में स्थित अमृत फार्मेसी और प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र में चूहों ने जमकर उत्पात मचा रखा है। यहां हर महीने करीब हजारों रुपये के कीमत की दवाई का नुकसान हो रहा हैं। इतना ही नहीं आयुष्मान केंद्र पर भी चूहों का कब्जा है। इस वजह से अब यहां पर चूहे दानी रखी जाने लगी है। इन सबका खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ता है। क्योंकि चूहों के आतंक से अमृत फार्मेसी में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं होता है, ऐसे में कई मरीजों को निराश लौटना पड़ता है।
एसआरएन अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन कक्ष के पास अमृत फार्मेसी की स्थापना की गई है। जहां जेनरिक और पेटेंट दोनों प्रकार की दवा के साथ सर्जिकल का उपकरण भी मौजूद रहता है। इस फार्मेसी का सबसे ज्यादा लाभ आयुष्मान कार्ड धारकों को होता है। जिन्हें दवा व सर्जिकल का सामान यहां से मिल जाता है। इसके अलावा अस्पताल में लिखी गई दवाइयों पर केंद्र सरकार की तरफ से निर्धारित दर के आधार पर छूट भी दी जाती है।
अमृत फार्मेसी में आने वाली दवाइयों के स्टॉक को रखने के लिए लंबे समय से स्टोर की मांग हो रही है। क्योंकि स्टोर न होने के कारण दवाइयों को खुले हाल में रखना पड़ता है। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में टहल रहे मोटे-मोटे चूहे आए दिन इन दवाइयों पर अपना दांत लगा देते हैं। इससे दवाइयां खराब हो जाती है। सबसे ज्यादा नुकसान ग्लूकोज की बोतलों पर होता है। क्योंकि इनकी वापसी नहीं होती है। इस कारण हर महीने 20 से 30 हजार रुपये की दवाइयों का नुकसान अमृत फार्मेसी को उठाना पड़ता है। वहीं इस नुकसान के डर से दवाइयों का स्टॉक सीमित मंगाया जाता है।
खा रहे प्रोटीन पाउडर
अमृत फार्मेसी में सबसे ज्यादा चूहे प्रोटीन पाउडर, ग्लूकोज व साफ्ट जेलेटीन कैप्सूल खा रहे हैं। इसके अलावा अन्य दवाइयों पर अपना दांत लगा देते हैं। अमृत फार्मेसी में इन चूहों से निपटने के लिए तीन चूहे दानी रखी गई है।
जन औषधी केंद्र भी प्रभावित
अस्पताल परिसर में बना प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र भी चूहों से प्रभावित है। लगभग हर महीने पांच से दस हजार रुपये कीमत की दवाइयों का नुकसान चूहे कर रहे हैं।
अमृत फार्मेसी को अलग से स्टोर पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है। इधर मुझसे स्टोर के संबंध में कोई बात नहीं हुई है। इसके अलावा चूहों को पकड़ने वाला पैड बराबर अस्पताल में रखा जाता है। - डॉ. अजय सक्सेना, प्रमुख अधीक्षक, एसआरएन