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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ramlala will set out on Nisar Ahmed's boat, masks of Ramlila characters have been made for 40 years

मेरे राम : निसार अहमद की नाव पर निकलेंगे रामलला, 40 साल से बना रहे रामलीला के पात्रों के मुखौटे

Sun, 21 Jan 2024 04:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 21 Jan 2024 04:41 PM IST
सार

निसार रामबाग स्थित नवग्रह मंदिर में केवट को तैयार करने में जुटे हैं। बारह वर्ष की उम्र से ही रामकथा के पुतले बना रहे 62 वर्षीय निसार कहते हैं, जिस तरह अकीदत और एहतराम के साथ ताजिया तैयार करते हैं। उसी तरह केवट को भी बड़े ही शिद्दत से रूप सज्जा देने में लगे हैं।

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Ramlala will set out on Nisar Ahmed's boat, masks of Ramlila characters have been made for 40 years
केवट की नाव तैयार कर रहे निसार अहमद। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जाति और महजब के नाम पर फूट डालने वाली कोशिशों को किनारे करते हुए चौक के निसार गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बने हुए हैं। पथरचट्टी रामलीला कमेटी की ओर से निकाली जा रही राम की सवारी में निसार अहमद का भी अहम योगदान है। मोहर्रम में ताजिया और रामलीला के दौरान रामकथा के पात्रों के लिए मुखौटे तैयार करने वाले निसार ने ही केवट की रूप सज्जा की है।

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फिलहाल, निसार रामबाग स्थित नवग्रह मंदिर में केवट को तैयार करने में जुटे हैं। बारह वर्ष की उम्र से ही रामकथा के पुतले बना रहे 62 वर्षीय निसार कहते हैं, जिस तरह अकीदत और एहतराम के साथ ताजिया तैयार करते हैं। उसी तरह केवट को भी बड़े ही शिद्दत से रूप सज्जा देने में लगे हैं।
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भाईचारे में यकीन रखने वाले निसार अहमद कहते हैं, मैं बारह वर्ष की उम्र से ही पिता बशीर अहमद के साथ मुखौटे बनाने में जुटा हूं। पिता से ही रामलीला की सामग्रियों को बनाना सीखा। इस बार प्रभु राम के प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में यह केवट बनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथ ही साल के शुरू में फिर से दीपवली मनाएंगे।

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इस बीच पीएसी धूमनगंज में पेंटर का काम भी किया, लेकिन एहसास हुआ कि मैं किसी और चीज के लिए बना हूं। उस वक्त ही रामलीला के साथ ही अपनी पूरी जिंदगी बिताने का फैसला किया। अब मोहर्रम के समय में ताजिया और रामकथा से जुड़े सभी पात्रों को तैयार करता हूं। साथ ही परिवार का हमेशा से ही योगदान मिलता रहा है। किसी ने कभी भी आज तक प्रभु के लिए काम करने को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। साथ ही प्रभु राम के आने से पूरा राममय माहौल हो गया है। इसे देखकर काफी अच्छा लग रहा है।

40 सालों से कर रहा हूं काम

वर्षों पुरानी प्रयागराज की पथरचट्टी रामलीला सबसे भव्य और आकर्षक होती है। ये प्राचीन होने के साथ ही ऐतिहासिक भी है। निसार इसी रामलीला समिति के साथ 40 सालों से काम करते आ रहे हैं। वो प्रभु राम की सेवा में अंतिम सांस तक लगे रहना चाहते हैं। रामलला के लिए केवट तैयार करना मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात है। निसार अहमद कहते हैं, राम सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। उन्होंने एक बेटे, भाई और पति के रूप में जिस तरह जीवन गुजारा है, वह एक नजीर हैं, उनके कदम पर चलकर एक बेहतरीन इंसान बनने की कोशिश की जा सकती है।

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