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सिविल लाइंस का रामदल नहीं निकलेगा

Fri, 04 Oct 2019 01:06 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2019 01:06 AM IST
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Ramdal will not come out of civil lines
Ramdal will not come out of civil lines
प्रयागराज। पहले मुकदमेबाजी और आर्थिक कारणों से पजावा की रामलीला बाधित हुई। फिर तेज बारिश ने शहर की तकरीबन सभी रामलीलाओं में बाधा डाली और अब आर्थिक तथा प्र्रशासनिक उत्पीड़न के आरोप के साथ सिविल लाइंस रामदल समिति और सिविल लाइंस व्यापार मंडल ने रामदल न निकालने की घोषणा की है। इसके साथ ही सिविल लाइंस में जहां-तहां लगीं लाइट्स भी उतार ली गईं, जिससे सिविल लाइंस में रामदल की संभावनाओं पर पूर्णतया विराम लग गया।
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‘अमर उजाला’ से बातचीत में सिविल लाइंस रामदल समिति के संयोजक विनोद चंद्र दुबे ने कहा कि मेला कारोबारियों के सहयोग से ही होता है, लेकिन उनका आरोप है कि कई-कई बार अनुरोध और प्रशासनिक आश्वासन के बावजूद सिविल लाइंस में पार्किंग के नाम पर उनका उत्पीड़न जारी है। ऐसे में कारोबारियों ने आर्थिक रूप से सहयोग करने में असमर्थता जताई, सो बिना कमेटी ने मेला न करने का फैसला किया। इसके बाद सिविल लाइंस में लगी लाइट्स को भी उतारने के लिए कह दिया गया।
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सिविल लाइंस व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा ने आरोप लगाया कि पार्किंग के नाम पर लगातार कारोबारियों का उत्पीड़न जारी है। पार्किंग की व्यवस्था पूरे शहर के लिए है, लेकिन सिविल लाइंस से ही लगातार लोगों की गाड़ियां उठाई जा रही हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और सांसद केशरीदेवी पटेल को भी इस बारे में अवगत कराया गया था। जनप्रतिनिधियों की ओर से वार्ता के बाद प्रशासन की ओर से यह भरोसा दिलाया गया था कि दीपावली तक कार्रवाई रोक दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कारोबार बुरी तरह से चौपट होने से कारोबारी आर्थिक सहयोग की स्थिति में नहीं हैं।
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महामंत्री शिवशंकर सिंह ने भी आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से कारोबारियों को कोई सहयोग नहीं किया जा रहा है। बीते छह महीनों से ज्यादा समय से कारोबार जबर्दस्त तरीके से प्रभावित है। सिविल लाइंस का बाजार खत्म होने के कगार पर आ गया है। ऐसे में भरे मन से रामदल न निकालने का फैसला लिया गया। बाद में लाइट्स भी उतार ली गई। कारोबारी हताशा, डिप्रेशन की स्थिति में हैं।
बुझी रहेंगी बत्तियां, बंद रहेंगी दुकानें
प्रशासनिक रवैये के विरोध में सिविल लाइंस व्यापार मंडल शुक्रवार को काला दिवस मनाएगा। रामदल न निकालने सहित कारोबारियों ने अपनी दुकानें बंद रखने और बत्तियां बुझाकर रखने की भी घोषणा की है। लाइट्स और शटर बंद करने कारोबारी काला दिवस मनाएंगे ताकि प्रशासन की नींद टूटे और सिविल लाइंस में व्यापार करने की स्थिति बनी रहे।

षष्ठी को निकलता रहा है सिविल लाइंस का रामदल
प्रयागराज। परंपरागत रूप से अल्लापुर के फौरन बाद षष्ठी को सिविल लाइंस का रामदल निकलता रहा है। इसके तहत एमजी मार्ग पर हाईकोर्ट हनुमान मंदिर से लेकर तुलसी चौराहा और सरदार पटेल मार्ग पर रेल विद्युतीकरण से लेकर विवेकानंद चौराहे तक मेले की धूम रहती थी। सिविल लाइंस के रामदल में आम और खास दोनों तरह के लोग जुटते रहे हैं। खाने-पीने वालों के ठेलों, खोमचों से लेकर पटरियों पर भी खान-पान तथा सजावटी चीजों की सैकड़ों दुकानें लगती रही हैं। बच्चों के लिए मनोरंजन खेल होते हैं लेकिन मेला न होने से सबकी उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है।
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