राम जन्मभूमि ट्रस्ट के गठन के बाद अध्यक्ष के नाम का इंतजार, प्रयागराज से दो नामों की चर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट बनाने का एलान किया है। इसके बाद से ही प्रयागराज से दो नामों की संभावना व्यक्त की जाने लगी है। हालांकि अभी तक चर्चा के केंद्र में रहे स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और महंत नरेंद्र गिरी ने फिलहाल इसको लेकर किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अमर उजाला से बातचीत में स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने ट्रस्ट बनाए जाने को लेकर कहा कि ट्रस्ट की घोषणा स्वागत योग्य है। मंदिर निर्माण के लिए जितनी भी राशि की आवश्यकता होगी उसे उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन इसके लिए किसी धनपति से एक रुपया नहीं लिया जाएगा।
ट्रस्ट के एलान के साथ ही अध्यक्ष पद के लिए रेस शुरू
राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट के बनने के बाद ही अध्यक्ष पद के लिए रेस शुरू हो गई है। इसमें सबसे ऊपर महंत नृत्य गोपाल दास का नाम चल रहा है। अयोध्या के साधु-संतों से लेकर विश्व हिंदू परिषद की तरफ से उम्मीद जाहिर की जा रही है ट्रस्ट का अध्यक्ष पद महंत नृत्य गोपाल दास को दिया जा सकता है।
ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी, एक दलित समाज से: अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे जिसमें से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा।। इसमें राजनीति से जुड़ा कई भी प्रतिनिधि नहीं होगा। उन्होंने इस ट्रस्ट की घोषणा करने के लिए पीएम मोदी को बधाई दी।
पीएम ने ट्रस्ट को लेकर क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में एक स्वायत्त ट्रस्ट बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ है। जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में राम मंदिर निर्माण का कार्य करेगा। वहीं कांग्रेस ने ट्रस्ट के एलान को लेकर सवाल उठाए।
पीएम मोदी ने कहा कि ये ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा। उन्होंने कहा कि 67.03 एकड़ भूमि इस ट्रस्ट को दे दी जाएगी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशन में राम मंदिर का निर्माण होगा। पीएम ने बताया कि राम मंदिर के लिए वृहद योजना बनाई गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक क्षण में हम सभी सदस्य मिलकर अयोध्या में श्रीराम धाम के जीणोद्धार के लिए, भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए, एक स्वर में अपना समर्थन दें। इस दौरान संसद भवन में जय श्री राम के नारे भी लगे।