डॉ. कार्तिकेय शर्मा के अपहरण के बाद राजेश यादव जुड़ गया था मुंबई अंडरवर्ल्ड से
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अंडरवर्ल्ड से जुड़े शातिर अपराधी राजेश यादव का घर शुक्रवार को जमींदोज कर दिया गया। वर्ष 2000 के बाद राजेश ने श्लोक पंडित के साथ जरायम की दुनिया में कहर बरपा दिया। दोनों ने 2004 में शहर के चर्चित डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा का अपहरण कर पूरे प्रदेश में तहलका मचा दिया था। मुंबई के बहुचर्चित काला घोड़ा शूटआउट में नाम आने के बाद राजेश अपराध की दुनिया का बड़ा नाम बन गया था। बाद में उसे गिरोह के लिए शूटर भर्ती करने की जिम्ेमदारी दी गई थी। पिछले कुछ सालों में राजेश यादव का नाम जमीन की खरीद फरोख्त और रंगदारी में अक्सर आता था।
डा. कार्तिकेय शर्मा को 2004 में सिविल लाइंस में उनके घर के पास से ही उठा लिया गया था। पुलिस ने जांच शुरू की तो राजेश यादव और श्लोक पंडित के नाम सामने आए। पुलिस उन्हें पकड़ने का प्रयास करती रही। मामला प्रदेश स्तर तक चर्चित रहा और तत्कालीन डीजीपी खुद पर्यवेक्षण करने लगे। करीब दस दिन बाद कार्तिकेय शर्मा छूटकर वापस आए। वह तो वापस आए गए लेकिन राजेश और श्लोक जरायम की दुनिया का बड़ा नाम बन गए थे। पुलिस ने श्लोक को वाराणसी में मुठभेड़ में मार गिराया। राजेश मुंबई भाग निकला था। इसी दौरान उसकी मुलाकात छोटा राजन के एक करीबी से हुई और वह राजन गिरोह से जुड़ गया।
16 अक्टूबर 2006 को मुंबई में काला घोड़ा इलाके में दिन दहाड़े शूटआउट हुआ था। इसे छोटा राजन ने अपने गुर्गों से अंजाम दिलवाया था। बाद में पता चला कि राजन ने इसे अपने यूपी वाले गिरोह यानी राजेश यादव और खान मुबारक (अंबडेकरनगर) के माध्यम से करवाया। खान के भाई जफर सुपारी के पकड़े जाने के बाद बच्चा पासी को पुलिस ने उठा लिया था। राजेश, बच्चा के अलावा अशोक नगर के नीरज बाल्मीकि और झूंसी के आशीष मिश्रा का भी नाम काला घोड़ा शूटआउट में आया था। इस कांड के बाद छोटा राजन इतना खुश हुआ कि उसने राजेश यादव को नए शूटरों को गिरोह से जोड़ने की जिम्मेदारी दे दी। पिछले कुछ सालों से राजेश जमीन की खरीद फरोख्त और रंगदारी के धंधे में है। जरायम के पैसों से उसने करोड़ों की संपत्ति बना ली है।