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आजाद नगर में लोगों ने रुकवाया रेलवे का सीमांकन कार्य, लाल निशान लगाने से लोगों में आक्रोश

Sun, 08 Nov 2020 10:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 08 Nov 2020 10:49 PM IST
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Railway workers who came to set a pole in Azad Nagar have to face the displeasure of the people
सीमांकन का काम रुकवाते लोग। - फोटो : अमर उजाला

पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा रेल लाइन दोहरीकरण के लिए आजाद नगर, साउथ मलाका में लगाए गए लाल निशान से लोगों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। पैमाइश के साथ लगे लाल निशान के बाद यहां रेलवे द्वारा बीते दो रोज से सीमांकन के लिए लोहे के एंगल लगाने का काम किया जा रहा है, लेकिन रविवार को लोगों ने यह काम रुकवा दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों की रेल कर्मियों से बहस भी हुई। लोगों का कहना था कि रेलवे ने अपनी जमीन से बढ़कर निशान लगाए, जबकि यहां अधिकांश लोगों ने अपने आवास रेलवे की जमीन छोड़कर बनाए हैं। 

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Railway workers who came to set a pole in Azad Nagar have to face the displeasure of the people
prayagraj news - फोटो : prayagraj

रेलवे द्वारा लगाए गए निशान के विरोध में स्थानीय लोगों ने रविवार को बैठक कर तय किया कि वह सोमवार को सदर तहसील जाएंगे। इस दौरान सदर तहसील के रिकार्ड रूम से पुराना नक्शा निकलवाया जाएगा। आजाद नगर निवासी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बब्बू राम द्विवेदी ने बताया कि यहां बने अधिकांश मकान 30 वर्ष से ज्यादा पुराने हैं। इसमें भी अधिकांश फ्री होल्ड जमीन पर बने हुए हैं। कहा कि स्थानीय लोगों के साथ सारे पुराने रिकार्ड देखने के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। आजाद नगर की पूर्व पार्षद शैला बेगम ने कहा कि वह सोमवार को स्थानीय लोगों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जाकर जिलाधिकारी से मुलाकात करेंगी। इस दौरान डीएम को ज्ञापन भी दिया जाएगा। 

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Railway workers who came to set a pole in Azad Nagar have to face the displeasure of the people
track - फोटो : amar ujala

नोटिस देने के लिए रेलवे जुटा रहा लोगों के नाम पते

लाल निशान लगाने के बाद रेलवे ने गुपचुप तरीके से आजाद नगर और साउथ मलाका में रहने वाले लोगों के नाम पते जुटाने शुरू कर दिए हैं। दरअसल यहां रेल लाइन दोहरीकरण होने की वजह से 200 से ज्यादा मकान पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से ध्वस्त किए जा सकते हैं। रेलवे द्वारा यहां शुक्रवार को उत्तर रेलवे की लखनऊ लाइन को केंद्र मानकर पैमाइश करवाई गई थी। इस दौरान 55 फीट से 190 फीट तक की दूरी में लाल निशान लगाए गए। क्योंकि रेलवे के पास संबंधित दायरे में रहने वाले लोगों के नाम एवं पते की जानकारी नहीं है, इसलिए वहां पहले संबंधित लोगों के नाम पते जुटाए जा रहे हैं। ताकि नोटिस भेजे जाने की कार्रवाई की जा सके।

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Railway Track - फोटो : पेक्सेल्स

पिछले वर्ष रेलवे ने दीवार बनाने का रोक दिया था काम

आजाद नगर के लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष रेलवे द्वारा यहां दीवार बनाने का काम शुरू किया गया था। लेकिन वह काम रोक दिया गया। इस दौरान विद्युत पोल भी शिफ्ट किए गए। पुराने पोल के अवशेष वहां आज भी देखे जा सकते हैं। स्थानीय निवासी महानंद ने बताया कि जिस स्थान पर रेलवे अपनी दीवार बना रहा था उसे और विस्तार दे दिया जाए तो रेल ट्रैक का आसानी से दोहरीकरण भी हो जाएगा और वहां मकानों को ध्वस्त करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

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