{"_id":"5ca11a73bdec2214031bc88e","slug":"raiders-at-atms-have-raised-objectionable-rumors","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटीएम कटाने वाले बदमाशों ने उगले अहम राज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटीएम कटाने वाले बदमाशों ने उगले अहम राज
Mon, 01 Apr 2019 01:22 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 01 Apr 2019 01:22 AM IST
विज्ञापन
crime amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मम्फोर्डगंज, फौव्वरा चौराहा स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम काटकर उससे 16.61 लाख रुपये उड़ाने वाले बदमाशों के गिरोह ने कई अहम राज पुलिस के सामने उगले हैं। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि मेवात इलाके में बाकायदा एटीएम मशीन काटने की ट्रेनिंग दी जाती है। कई गिरोह वहां यह काम करते हैं। ट्रेनिंग देने के साथ ही जरूरी औजार भी वही लोग मुहैया कराते हैं। उन्होंने पुलिस को वहां सक्रिय कई गिरोह और उनके ठिकानों के बारे में भी बताया है।
विज्ञापन
एसएसपी अतुल शर्मा ने इस कांड का खुलासा करते हुए बताया कि 28 नवबंर को हुई इस वारदात को कौशांबी के गिरोह ने अंजाम दिया था। इनमें से राजू, साजन एवं नीतेश को सीतापुर पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया जबकि प्रदीप कश्यप एवं भैया लाल निषाद निवासी सराय अकिल, कौशांबी को क्राइम ब्रांच एवं शंकरगढ़ पुलिस ने रानीगंज के पास से पकड़ा। पूछताछ के दौरान प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उन लोगों को दिल्ली से ही छोटा गैस कटर एवं सिलेंडर मिला था। वारदात के दौरान राजू, साजन, नीतेश, प्रदीप और भैयालाल एक सेंट्रो कार एवं आल्टो से घटना स्थल पहुंचे थे।
विज्ञापन
उसके बाद नीतेश, प्रदीप और भैयालाल बाहर खड़े होकर निगरानी करने लगे जबकि राजू और साजन ने शटर गिराकर एटीएम काटने में जुट गए। पैसा निकालकर पांचों कुछ दिनों के लिए मध्य प्रदेश भाग गए। कुछ दिन वहां बिताने के बाद यह लोग कौशांबी लौट आए लेकिन, किसी ने मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया। इस वजह से पुलिस को सर्विलांस से तलाशने में मदद नहीं मिल सकी। उसके बाद 26 दिसंबर को यह शिवराजपुर पहुंचे और वहां से भी रुपये उड़ा दिए। यहां से सीतापुर में एक वारदात के दौरान राजू, साजन और नीतेश पुलिस के हाथ आ गए जबकि प्रदीप और भैयालाल वहां से भागने में कामयाब रहे।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले यह दोनों शंकरगढ़ के रानीगंज पहुंचे। यहां क्राइम ब्रांच प्रभारी धर्मेंद्र यादव एवं शंकरगढ़ इंस्पेक्टर भुवनेश चौबे की टीम ने दोनों को धर दबोचा। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने 1.55 लाख रुपये के साथ ही इस्तेमाल की गई अल्टो कार भी बरामद कर ली। प्रदीप पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। एसएसपी ने इसे पुलिस टीम को देने की घोषणा की है।