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UPHESC : असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के मानक अलग-अलग होने पर सवाल, सीधी भर्ती की व्यवस्था हो बंद

Wed, 12 Oct 2022 09:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 12 Oct 2022 09:36 PM IST
सार

अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती करता है। वहीं, राजकीय महाविद्यालयों में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सीधे इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती करता है। भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा आरोप सीधी भर्ती को लेकर लगते रहे हैं। 

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Question on different standards of assistant professor recruitment
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग

विस्तार

अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर भर्ती के मानक अलग-अलग होने पर सवाल उठने लगे हैं। प्रतियोगी छात्र चाहते हैं कि अशासकीय की तरह राजकीय कॉलेजों में भी लिखित परीक्षा से भर्ती की जाए। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती करता है। वहीं, राजकीय महाविद्यालयों में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग सीधे इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती करता है। भ्रष्टाचार के सबसे ज्यादा आरोप सीधी भर्ती को लेकर लगते रहे हैं। 

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पहले राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता के पदों पर भी सीधी भर्ती होती थी, लेकिन इस बार आयोग ने दो चरणों की लिखित परीक्षा के माध्यम से प्रवक्ता के पदों पर भर्ती की। इस बदलाव के बाद मांग उठने लगी है कि राजकीय महाविद्यालयों में भी असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती कम से कम दो चरणों की परीक्षा के माध्यम से कराई जाए।
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प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि जब अशासकीय कॉलेजों में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती होती है, तो भर्तियों में पारदर्शिता का दावा करने वाला यूपीपीएससी राजकीय महाविद्यालयों में लिखित परीक्षा के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती क्यों नहीं कर सकता। 
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इस मसले पर यूपीपीएससी और शासन को समिति की ओर से पत्र लिखा जाएगा। साथ ही राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। समिति की ओर से यह मांग भी की जाएगी कि राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ता भर्ती की तरह राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती दो चरणों की परीक्षा के माध्यम से कराई जाए।

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