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पीडब्ल्यूडी में फर्जी नियुक्ति का खेल

Thu, 04 Aug 2016 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 04 Aug 2016 01:43 AM IST
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PWD 's play fake appointment
फर्जी ज्वाइन‌िंग लेटर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
नौकरी दिलाने के नाम पर प्रदेश भर में फर्जीवाड़े का बड़ा खेल खेला जा रहा है। ऐसा ही एक नया मामला लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में सामने आया है। कनिष्ठ लिपिक के पद पर ज्वाइनिंग करने आए युवक को पकड़ लिया गया और उसके सारे रिकार्ड जब्त कर लिए गए। मुख्य अभियंता ने इसकी तहकीकात भी विभाग के अधिकारियों से कर ली है। मामला फर्जी पाए जाने पर उन्होंने जिलाधिकारी और एसएसपी से इसकी शिकायत की है।
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पीडब्ल्यूडी विभाग में पांच दिन पहले जयदीप नामक युवक नियुक्ति पत्र लेकर आया था। उसके पास कनिष्ठ लिपिक के पद के लिए नियुक्ति पत्र था, जिस पर प्रभात रंजन सेक्शन ऑफिसर (अनुभाग-12) इलाहाबाद के हस्ताक्षर किए गए हैं। उसके नियुक्ति पत्र को देखकर मुख्य अभियंता एचएन पांडेय को संदेह हुआ तो उन्होंने उसके सारे रिकार्ड जमा करा लिए और पूछताछ शुरू कर दी। युवक ने बताया कि उसने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में आवेदन किया था।
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उसने अपना चयन कराने के लिए बलुआ घाट निवासी अमित श्रीवास्तव नामक युवक को छह लाख रुपये दिए थे। उसका टाइपिंग टेस्ट अक्तूबर में जबकि साक्षात्कार दिसंबर में लखनऊ स्थित पिकअप बिल्डिंग में लिया गया, जबकि लिखित परीक्षा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से घोषित तिथि पर ही कराई गई। इसके बाद उसे 23 जून को नियुक्ति पत्र जारी किया गया। इसके बाद वह ज्वाइनिंग करने के लिए विभाग में आया हुआ था। उसने यह भी बताया कि अमित श्रीवास्तव ने उसकी नियुक्ति कराने के साथ आशीष श्रीवास्तव और एक अन्य युवक से छह-छह लाख रुपये लिए हैं। अमित ने दोनों को ऐसा ही नियुक्ति पत्र थमाया है।
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मुख्य अभियंता ने इसकी सूचना पुलिस विभाग के अफसरों को उसी दिन दी थी लेकिन पुलिस ने अपनी व्यस्तता जताई और कोई कार्रवाई नहीं की। मुख्य अभियंता ने बताया कि इस नाम के ऑफिसर इलाहाबाद में हैं ही नहीं। लखनऊ में इस नाम के सेक्शन ऑफिसर (अनुभाग-12) हैं। उनसे इस मामले में बातचीत की गई लेकिन उन्होंने ऐसा कोई भी नियुक्ति पत्र जारी करने से इंकार कर दिया। नियुक्ति पत्र में जो पता दिया गया है, उस तरह का कोई कार्यालय भी इलाहाबाद में नहीं है। उन्होंने मामले में कार्रवाई के लिए सूचना डीएम और एसएसपी को भेज दी है। संदेह जताया है कि इसमें कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है, जो युवाओं को बरगलाकर अपने जाल में फंसा रहा है। उधर, जयदीप द्वारा बताए गए अमित के मोबाइल नंबर 9838733734 पर कॉल की गई तो वह बंद मिला।
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