700 का पल्स ऑक्सीमीटर 2000 में मिलना मुश्किल, कोरोना के बढ़ते मामले के चलते अचानक बढ़ी मांग
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थोक दवा बाजार से फिंगर पल्स ऑक्सीमीटर मिलना मुश्किल हो गया है। जिले में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच अचानक इसकी मांग बढ़ गई है, लेकिन, चीनी वस्तुओं की आपूर्ति ठप होने से इसकी उपलब्धता सीमित हो गई है। यही वजह है कि छह महीने पहले 700 से 1300 रुपये तक में आसानी से मिलने वाला फिंगर पल्स ऑक्सीमीटर फुटकर में कहीं-कहीं लगभग तीन गुना दामों में दो हजार से 2100 तक चोरी छिपे बेचा जा रहा है। वैसे मुंहमांगी कीमत देने पर भी पल्स ऑक्सीमीटर मिलना मुश्किल है।
दवा कारोबारियों के मुताबिक आमतौर पर फिंगर पल्स ऑक्सीमीटर अस्पतालों की आपूर्ति अस्पतालों तक सीमित थी। बड़े डॉक्टर ऑक्सीमीटर स्टेथो के साथ रखते हैं। अस्पतालों में पांच या कुछ अधिक फिंगर पल्स ऑक्सीमीटर मांग पर भेजे जाते रहे हैं। आम लोगों को न इस बारे में जानकारी थी, न ही लोग इसे खरीदने आते थे। महीने में एक या दो पीस फुटकर में बिक्री होती रही है।
कोरोना संक्रमण काल में स्थितियां बदलीं। लोगों ने सोशल मीडिया पर इसके बारे में जाना तो इसे खरीदने में उनकी रुचि बढ़ी। लॉक डाउन के दौरान ही आम लोगों ने फिंगर पल्स ऑक्सीमीटर की खरीद शुरू की। संक्रमण बढ़ा ऑक्सीमीटर का आमजन में इस्तेमाल बढ़ गया। अब तो फुटकर में दवा बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोर संचालक फिंगर पल्स ऑक्सीमीटर मांग रहे हैं।
बालसन और सिविल लाइंस के बड़े मेडिकल स्टोर संचालकों के मुताबिक ऑक्सीमीटर दुकान पर रखते नहीं थे। लोगों ने मांगना शुरू किया तो एक या दो पीस मंगाए। पहले फिंगर पल्स ऑक्सीमीटर के दाम गुणवत्ता के हिसाब से 700 से 1300 रुपये के बीच थी। सभी चाइना निर्मित थे। अब थोक बाजार में ऑक्सीमीटर है नहीं, करीब एक महीने पहले थोक में इसकी कीमत 1500 से 1700 रुपये तक बोली गई। थोक विक्रेताओं के मुताबिक ऑक्सीमीटर की सप्लाई नहीं है। कृष्णा सर्जिकल के नीरज पुरवार के मुताबिक एक महीने पहले तक थोक बाजार में 1300 रुपये फिंगर पल्स ऑक्सीमीटर उपलब्ध था। अब आपूर्ति ठप है सो स्टॉक निल है।