फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prosecution against Sathya Narayan illegal

प्रो.सत्यनारायण के खिलाफ जांच अवैध

Thu, 25 May 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद Updated Thu, 25 May 2017 01:57 AM IST
विज्ञापन
Prosecution against Sathya Narayan illegal
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी ने कहा कि वे इस्तीफा देने को हैं तैयार
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से बुधवार को बुलाई गई कार्य परिषद की बैठक बेनतीजा रही। परिषद सदस्यों ने कुलपति की ओर से गठित कमेटी की वैधानितकता पर ही सवाल खड़ा कर दिया। कार्य परिषद की ओर से एक स्वर से कुलपति की ओर से गठित जांच कमेटी को अवैध करार दे दिया गया। सदस्यों का कहना था कि कुलपति को किसी कार्यवाहक कुलपति के खिलाफ सीधे जांच कराने का अधिकार नहीं है। प्रो. सत्यनाराण ने कार्यवाहक कुलपति रहते हुए 2015 में शिक्षकों का प्रमोशन किया था, वर्तमान कुलपति इसी मामले की जांच करवा रहे हैं।
विज्ञापन


कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की ओर से पूर्व कार्यवाहक कुलपति प्रो.ए.सत्यनारायण के खिलाफ हाईकोर्ट के अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया गया था। कुलपति ने यह बैठक कमेटी की रिपोर्ट कार्य परिषद की बैठक में रखकर मंजूरी के लिए बैठक बुलाई थी। कार्य परिषद सदस्यों ने बताया कि कुलपति को किसी कार्यवाहक कुलपति अथवा पूर्व कुलपति के खिलाफ जांच कमेटी गठित करने का सीधे अधिकार नहीं है। कुलपति कोई भी जांच कार्य परिषद की मंजूरी के बाद ही करवा सकते हैं। प्रो. ए.सत्यनारायण के खिलाफ गठित जांच कमेटी के लिए कार्य परिषद की मंजूरी नहीं ली गई।
विज्ञापन


कार्य परिषद ने कहा कि आरोपी को अपना पक्ष रखने का मौका दिए बगैर उसके खिलाफ जांच बैठा देना गलत है। कार्य परिषद पहले प्रो. सत्यनारायण को अपनी बात रखने का मौका देती, इससे संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में ही जांच कमेटी का गठन किया जा सकता है। कुलपति प्रो. हांगलू ने आग्रह किया कि उन्हें जांच कमेटी की रिपोर्ट रखने दिया जाए, लेकिन सदस्यों के एक स्वर में विरोध करने के कारण वह अपनी रिपोर्ट नहीं खोल पाए। सदस्यों ने प्रो. सत्यनारायण के खिलाफ जांच को गैर जरूरी बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्य परिषद सदस्य से भिड़े शिक्षक

बैठक से बाहर निकले कार्य परिषद सदस्य और विवि के पूर्व कुलपति प्रो.सीएल क्षेत्रपाल से विवि के शिक्षक जो पिछली प्रोन्नति में वंचित रह गए थे, उनसे उलझ गए। उन्होंने प्रो.क्षेत्रपाल पर आरोप लगाया।


इविवि में परिसर की दीवारों पर बुधवार को विवि के अधिकारियों एवं कुलपति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी लिखी मिली। इसके देखते ही परिसर में छात्रों की भारी भीड़ लग गई। इस प्रकार की टिप्पणी डीन आर्ट कार्यालय के साथ विवि स्थित बैंक परिसर में लिखी मिली। अपने कार्यालय के सामने इस प्रकार की टिप्पणी देख डीन आर्ट प्रो. ए.सत्यनारायण ने तत्काल कर्मचारियों से इस प्रकार की टिप्पणी को पोतवा दिया। इस बारे में प्रॉक्टर प्रो.राम सेवक का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई प्रो.सत्यनारायण सहानुभूति पाने के लिए कर सकते हैं। प्रॉक्टर की इस टिप्पणी पर प्रो.सत्यनारायण ने कहा कि इविवि अध्यापक संघ के अध्यक्ष से इस प्रकार के आरोप की उन्हें उम्मीद नहीं थी। वह विवि के प्रॉक्टर होने से पहले अध्यापक संघ के अध्यक्ष भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed