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UP : डेन कंपनी के वितरक व उनके पुत्र की गिरफ्तारी पर रोक, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से छह हफ्ते में मांगा जवाब
Thu, 29 Jun 2023 01:27 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 29 Jun 2023 01:27 PM IST
सार
याची का कहना है कि वह डेन कंपनी का वितरक है। सिमरन एजेंसी के मार्फत सेवा प्रदान कर रहा है। दोनों के बीच नौ मई 2022 को करार हुआ था। करार के प्रस्तर 10 (1) के तहत किसी विवाद की स्थिति में इसे पंचाट से सुलझाया जाएगा।
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- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी डेन के डिस्ट्रीब्यूटर हरजिंदर सिंह व उनके पुत्र की षड्यंत्र व धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार से छह हफ्ते में जवाब मांगा है। याची के खिलाफ बरेली के इज्जतनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी तथा न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने हरजिंदर सिंह व अन्य की याचिका पर दिया है।
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याची का कहना है कि वह डेन कंपनी का वितरक है। सिमरन एजेंसी के मार्फत सेवा प्रदान कर रहा है। दोनों के बीच नौ मई 2022 को करार हुआ था। करार के प्रस्तर 10 (1) के तहत किसी विवाद की स्थिति में इसे पंचाट से सुलझाया जाएगा। डेन कंपनी के 67 फीसदी शेयर जिओ कंपनी ने खरीद लिए, जिसके लिए वितरकों से अनापत्ति आवश्यक है। याची ने अनापत्ति देने तथा उसपर 10 करोड़ की देनदारी का ब्योरा देने से इन्कार कर दिया।
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याची का कहना है कि विवाद सिविल प्रकृति का है। दबाव डालने के लिए एफआईआर दर्ज कराई गई है, जो अवैध है। सिविल विवाद को लेकर आपराधिक केस नहीं दर्ज हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि आपराधिक कार्यवाही केवल परेशान करने के लिए नहीं की जा सकती। कोर्ट ने मुद्दा विचारणीय माना और विपक्षियों से जवाब मांगा है।
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