{"_id":"6a0b7d4739ef20bcdc05fa4b","slug":"prof-nageshwar-rao-appointed-as-chairman-of-naac-executive-committee-allahabad-news-c-3-ald1034-887451-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: प्रो. नागेश्वर राव बने नैक की कार्यकारी समिति के चेयरमैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: प्रो. नागेश्वर राव बने नैक की कार्यकारी समिति के चेयरमैन
विज्ञापन
नागेश्वर राव के नैक का अध्यक्ष बनने पर अभिनंदन करते मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति। स्वयं
- फोटो : samvad
। शिक्षाविद प्रो. नागेश्वर राव को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की कार्यकारी समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। शिक्षाविदों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे उच्च शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण निर्णय बताया है। कहा गया कि प्रो. नागेश्वर के नेतृत्व में शिक्षण संस्थानों के गुणवत्तापूर्ण विकास को नई दिशा मिलेगी।
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके प्रो. नागेश्वर राव को बधाई देते हुए प्रो. सत्यकाम ने कहा कि नियुक्ति से प्रयागराज और मुक्त विश्वविद्यालयों का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने में प्रो. राव का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक विजेता प्रो. नागेश्वर कॉमर्स और बिजनेस मैनेजमेंट के विद्वान हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानों में सेवाएं दी हैं। वह इग्नू, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के भी कुलपति रह चुके हैं। कोविड काल में ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उनकी डिजिटल पहल की भी सराहना हुई थी।
विज्ञापन
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि प्रो.नागेश्वर राव के 180 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं और उन्होंने 37 शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके प्रो. नागेश्वर राव को बधाई देते हुए प्रो. सत्यकाम ने कहा कि नियुक्ति से प्रयागराज और मुक्त विश्वविद्यालयों का गौरव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने में प्रो. राव का योगदान उल्लेखनीय रहा है।
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के स्वर्ण पदक विजेता प्रो. नागेश्वर कॉमर्स और बिजनेस मैनेजमेंट के विद्वान हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानों में सेवाएं दी हैं। वह इग्नू, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के भी कुलपति रह चुके हैं। कोविड काल में ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए उनकी डिजिटल पहल की भी सराहना हुई थी।
विज्ञापन
जनसंपर्क अधिकारी डॉ. प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि प्रो.नागेश्वर राव के 180 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं और उन्होंने 37 शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है।