फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Pro. Prakash Sinha made ​​Electoral Officer

प्रो. प्रकाश सिन्हा बनाए गए चुनाव अधिकारी

Tue, 12 Jul 2016 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 12 Jul 2016 02:18 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। प्राचीन इतिहास विभाग के प्रो. प्रकाश सिन्हा को चुनाव अधिकारी (आरओ) बनाया गया है। सोमवार को इसका आदेश जारी कर दिया गया। दाखिले की प्रक्रिया खत्म होने के साथ ही चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की तैयारी है। ऐसे में अगस्त के आखिरी या सितंबर के पहले सप्ताह में छात्रसंघ चुनाव संभावित है। चुनाव में लिंगदोह समिति की संस्तुतियों को सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है। विश्वविद्यालय में ऐसा पहली बार हुआ है जब सत्र शुरू होने के एक सप्ताह बाद ही आरओ की घोषणा कर चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय में लंबे अंतराल के बाद 2012 में छात्रसंघ चुनाव शुरू हुआ। विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा मिलने के बाद अब तक चार बार छात्रसंघ चुनाव हो चुका है। लिंगदोह समिति की संस्तुतियों के अनुसार चुनाव सत्र शुरू होने के आठ सप्ताह के भीतर हो जाना चाहिए, लेकिन विश्वविद्यालय में हर बार अक्तूबर-नवंबर में चुनाव हुए। चुनाव की तिथि घोषित होनेे में देरी की वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र-छात्राओं के आंदोलनों का सामना करना पड़ा। इसकी वजह से चुनाव होने तक पूरे परिसर में अराजकता का माहौल रहा। हर बार ऐसा हुआ कि चुनाव की तिथि घोषित करने केलिए विद्यार्थियों की ओर से अफसरों को बंधक बनाया गया। कई बार तो कुलपति को भी बंधक बनाया गया। इसके बाद चुनाव अधिकारी और कार्यक्रम घोषित हुआ।
विज्ञापन


ऐसे में विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति के बाद छात्रसंघ चुनाव को लेकर ही अटकलें शुरू हो गई थीं, लेकिन चुनाव अधिकारी की नियुक्ति करके कुलपति ने स्पष्ट कर दिया कि चुनाव होगा। इतना ही नहीं जल्दी चुनाव होने से पदाधिकारियों को काम करने के लिए पूरा सत्र भी मिलेगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय के अफसरों का यह भी मानना है कि  परिसर में आंदोलनों और अराजकता की मुख्य वजह देर से चुनाव कराना है। छात्र-छात्राओं के बीच उपस्थिति दर्ज कराने के लिए नेता बेवजह के मुद्दों को लेकर आंदोलन चलाते हैं। ऐसे में समय से चुनाव हो जाने से ऐसी गतिविधियों पर विराम लग जाएगा। विश्वविद्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे एक अध्यापक का कहना है कि यदि दाखिले की प्रक्रिया समय से पूरी हो जाती तो 15 अगस्त से पहले ही चुनाव करा लिया जाता लेकिन अलग-अलग वजहों से परास्नातक और एलएलबी के पाठ्यक्रमों में दाखिला की प्रक्रिया अभी लंबित है। एलएलबी के लिए तो अभी प्रवेश परीक्षा की तिथि भी घोषित नहीं हुई है। ऐसे में अगस्त के आखिरी या सितंबर के पहले सप्ताह में चुनाव कराने की उम्मीद की जा रही है। रजिस्ट्रार प्रोफेसर एनके शुक्ला ने बताया चुनाव अधिकारी की घोषणा कर दी गई है। प्रोफेसर सिन्हा से लिंगदोह समिति की संस्तुतियों के अनुरूप चुनाव की तैयारी के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed