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प्रयागराज में निजी कंपनी को बिजली उपकेंद्रों के परिचालन का जिम्मा
Mon, 15 Apr 2019 01:18 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 15 Apr 2019 01:18 AM IST
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फाइल फोटो
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बिजली उपकेंद्रों के संचालन और लाइनों के आपरेशन के लिए ठेके पर संविदा कर्मियों की सप्लाई पर रोक लगा दी गई है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने पहली बार निजी कंपनी को बिजली उपकेंद्रों के आपरेशन का जिम्मा सौंप दिया है। यूपीपीसीएल के चेयरमैन आलोक कुमार की अध्यक्षता में गठित कमेटी की संस्तुति के बाद ‘प्राइम वन’ कंपनी एक मई से प्रयागराज और वाराणसी में एक साथ अनुरक्षण और परिचालन का काम संभालेगी। इस नई व्यवस्था से प्रयागराज में दो हजार से अधिक संविदा पर काम करने वाले कर्मी प्रभावित होंगे।
डिस्कॉम की पहल पर बिजली सब स्टेशनों के परिचालन की जिम्मेदारी निजी कंपनी को सौंपने पर यूपीपीसीएल ने मुहर लगा दी है। इसके बाद प्राइम वन ने सर्वे शुरू करा दिया है। प्रयागराज के 10 डिवीजनों के 80 से अधिक बिजली उपकेंद्रों के आपरेशन का दायित्व यह कंपनी संभालेगी। इसमें शहर के 53 उपकेंद्र शामिल हैं। इसके तहत कंपनी अब उपकेंद्रों से जुड़ी फीडर लाइनों पर आने वाली गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के अलावा केबल जोड़ने, फ्जूज बांधने ब्रेक डाउन अटेंड करने से लेकर कनेक्शन काटने के अलावा फील्ड के अन्य सभी कार्य निजी कंपनी कराएगी।
अनुबंध के मुताबिक कंपनी को इसके लिए प्रशिक्षित कर्मियों को रखना होगा। फिलहाल अब तक शहर भर के उप केंद्रों पर सात सौ और जिले भर में दो हजार से अधिक संविदा कर्मी यह काम देख रहे थे। नई कंपनी प्राइम वन पहले से तैनात कर्मचारियों से ही काम लेगी या फिर नई भर्तियां होंगी, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। हाल में ही पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी गोविंदराजू ने अधीक्षण अभियंता स्तर पर उप केंद्रों के अनुरक्षण के लिए संविदा कर्मियों की आपूर्ति के ठेके का अधिकार छीन लिया था।
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पहले छोटी-छोटी कंपनियों से ठेके पर संविदा कर्मचारी लिए जा रहे थे, लेकिन अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब लाइनों के मेंटीनेंस का पूरा काम निजी कंपनी प्राइम- वन करेगी। एस के भारती, अधीक्षण अभियंता।
पता चला है कि नई कंपनी काम कराने के बाद सिर्फ 26 दिन का भी भुगतान करेगी। इससे सैकड़ों की तादाद में संविदा कर्मी प्रभावित होंगे। अभी नई कंपनी की नीतियों को समझा जा रहा है। ऐसा हुआ तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। जवाहर लाल विश्वकर्मा, कार्यवाहक प्रांतीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ।
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डिस्कॉम की पहल पर बिजली सब स्टेशनों के परिचालन की जिम्मेदारी निजी कंपनी को सौंपने पर यूपीपीसीएल ने मुहर लगा दी है। इसके बाद प्राइम वन ने सर्वे शुरू करा दिया है। प्रयागराज के 10 डिवीजनों के 80 से अधिक बिजली उपकेंद्रों के आपरेशन का दायित्व यह कंपनी संभालेगी। इसमें शहर के 53 उपकेंद्र शामिल हैं। इसके तहत कंपनी अब उपकेंद्रों से जुड़ी फीडर लाइनों पर आने वाली गड़बड़ियों को दुरुस्त करने के अलावा केबल जोड़ने, फ्जूज बांधने ब्रेक डाउन अटेंड करने से लेकर कनेक्शन काटने के अलावा फील्ड के अन्य सभी कार्य निजी कंपनी कराएगी।
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अनुबंध के मुताबिक कंपनी को इसके लिए प्रशिक्षित कर्मियों को रखना होगा। फिलहाल अब तक शहर भर के उप केंद्रों पर सात सौ और जिले भर में दो हजार से अधिक संविदा कर्मी यह काम देख रहे थे। नई कंपनी प्राइम वन पहले से तैनात कर्मचारियों से ही काम लेगी या फिर नई भर्तियां होंगी, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। हाल में ही पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एमडी गोविंदराजू ने अधीक्षण अभियंता स्तर पर उप केंद्रों के अनुरक्षण के लिए संविदा कर्मियों की आपूर्ति के ठेके का अधिकार छीन लिया था।
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पहले छोटी-छोटी कंपनियों से ठेके पर संविदा कर्मचारी लिए जा रहे थे, लेकिन अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब लाइनों के मेंटीनेंस का पूरा काम निजी कंपनी प्राइम- वन करेगी। एस के भारती, अधीक्षण अभियंता।
पता चला है कि नई कंपनी काम कराने के बाद सिर्फ 26 दिन का भी भुगतान करेगी। इससे सैकड़ों की तादाद में संविदा कर्मी प्रभावित होंगे। अभी नई कंपनी की नीतियों को समझा जा रहा है। ऐसा हुआ तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। जवाहर लाल विश्वकर्मा, कार्यवाहक प्रांतीय अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ।