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बंदी कचहरी परिसर से फरार
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प्रयागराज। नैनी जेल से सोमवार को पेशी पर लाया गया बंदी सुनील कुमार गुप्ता जिला कचहरी परिसर से फरार हो गया। जेल में उसके कब्जे से मोबाइल मिलने के मामले में उस पर प्रिजनर एक्ट के तहत मुकदमा लिखा गया था, जिसमें सोमवार को वह तलब किया गया था। सूचना पर शहर भर में घेराबंदी की गई लेकिन, उसका पता नहीं चला।
सुनील कुमार गुप्ता (23) पुत्र शिवबहादुर गुप्ता मूल रूप से प्रतापगढ़ के लालगंज स्थित दुबे का पुरवा का रहने वाला था। 2017 में लालगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई हत्या के दो मामलों में वह नामजद था। इसके अलावा उस पर आर्म्स एक्ट का भी एक मामला दर्ज था। प्रतापगढ़ से पिछले साल नवंबर में उसे नैनी जेल स्थानांतरित किया गया था। पिछले दिनों जेल में पड़े छापे के दौरान उसके कब्जे से मोबाइल मिला था, जिस पर उसके खिलाफ नैनी थाने में प्रिजनर एक्ट का मुकदमा लिखा गया था।
इसी मामले में नैनी पुलिस ने उसका वारंट बनवाया था, जिस पर उसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। हवालात सुरक्षा में लगा दीवान ओमप्रकाश यादव उसे लेकर अदालत परिसर में पहुंचा। इसी दौरान मौका पाकर वह भाग निकला। कुछ देर बाद उसे न पाकर सिपाही के होश उड़ गए। खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी पर कर्नलगंज के साथ ही शहर भर में घेराबंदी की गई लेकिन उसका पता नहीं चला। खबर लिखे जाने तक उसकी खोजबीन जारी थी।
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सुनील कुमार गुप्ता (23) पुत्र शिवबहादुर गुप्ता मूल रूप से प्रतापगढ़ के लालगंज स्थित दुबे का पुरवा का रहने वाला था। 2017 में लालगंज कोतवाली क्षेत्र में हुई हत्या के दो मामलों में वह नामजद था। इसके अलावा उस पर आर्म्स एक्ट का भी एक मामला दर्ज था। प्रतापगढ़ से पिछले साल नवंबर में उसे नैनी जेल स्थानांतरित किया गया था। पिछले दिनों जेल में पड़े छापे के दौरान उसके कब्जे से मोबाइल मिला था, जिस पर उसके खिलाफ नैनी थाने में प्रिजनर एक्ट का मुकदमा लिखा गया था।
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इसी मामले में नैनी पुलिस ने उसका वारंट बनवाया था, जिस पर उसे सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। हवालात सुरक्षा में लगा दीवान ओमप्रकाश यादव उसे लेकर अदालत परिसर में पहुंचा। इसी दौरान मौका पाकर वह भाग निकला। कुछ देर बाद उसे न पाकर सिपाही के होश उड़ गए। खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी पर कर्नलगंज के साथ ही शहर भर में घेराबंदी की गई लेकिन उसका पता नहीं चला। खबर लिखे जाने तक उसकी खोजबीन जारी थी।
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