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जेलों से रिहा हुए 8705 बंदी, अबतक 889 बंदियों को पैरोल, 7816 को जमानत
Fri, 03 Apr 2020 05:07 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज नेटवर्क, प्रयागराज
न्यूज नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2020 05:07 PM IST
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जेल
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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया जारी है। अबतक 889 बंदियों को पैरोल एवं 7816 बंदियों को दो अप्रैल 20 तक जमानत पर रिहा किया गया है। आगे चलकर इस संख्या में बढोतरी हो सकती है। यह कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वरिष्ठ न्यायमूर्ति पी के जायसवाल के नेतृत्व में गठित हाई पावर कमेटी के निर्देशन में की गयी है।
इसकी जानकारी निबंधक शिष्टाचार आशीष कुमार श्रीवास्तव ने दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 23मार्च को देश में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए जेलों में बंद विचाराधीन बंदियों की पैरोल या अतरिम जमानत पर रिहाई का निर्देश दिया था।जेलों मे क्षमता से अधिक बंदियों की संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों में हाई पावर कमेटी गठित कर बंदियों की श्रेणियां तय कर रिहाई की प्रक्रिया अपनाने को कहा है। कमेटी ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के परामर्श व सहायता से सात साल तक की सजा वाले अपराध के बंदियों की रिहाई की कार्रवाई की। जिसमे अधीनस्थ अदालतों ने सहयोग दिया। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। अभी और अधिक बंदियों की रिहाई की जा सकती है।
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इसकी जानकारी निबंधक शिष्टाचार आशीष कुमार श्रीवास्तव ने दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 23मार्च को देश में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए जेलों में बंद विचाराधीन बंदियों की पैरोल या अतरिम जमानत पर रिहाई का निर्देश दिया था।जेलों मे क्षमता से अधिक बंदियों की संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों में हाई पावर कमेटी गठित कर बंदियों की श्रेणियां तय कर रिहाई की प्रक्रिया अपनाने को कहा है। कमेटी ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के परामर्श व सहायता से सात साल तक की सजा वाले अपराध के बंदियों की रिहाई की कार्रवाई की। जिसमे अधीनस्थ अदालतों ने सहयोग दिया। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। अभी और अधिक बंदियों की रिहाई की जा सकती है।
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