UPPSE: आयोग खुलते ही एलटी ग्रेड रिजल्ट देने का बढ़ा दबाव
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) का कार्यालय खुलते ही अफसरों पर एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का लंबित परिणाम जारी करने का दबाव बढ़ गया है। वहीं, अभ्यर्थियों ने शासन पर भी चयनितों की नियुक्ति के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए अभ्यर्थियों की ओर से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को लगातार ट्वीट किए जा रहे हैं। साथ ही ई मेल के माध्यम से भी मांग की जा रही है।
अभ्यर्थियों को आयोग के अध्यक्ष से भी बुधवार को मिलने के लिए समय मांगा है। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा के आयोजन को जुलाई में दो साल पूरे हो जाएंगे। यह परीक्षा 29 जनवरी 2018 को आयोजित की गई थी। पंद्रह विषयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 10768 पदों पर भर्ती के लिए हुई परीक्षा में प्रदेश भर से तकरीबन चार लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय में पेपर आउट होने के आरोप लगे थे, जिसकी वजह से आयोग ने अब तक इन दोनों विषयों के रिजल्ट घोषित नहीं किए हैं, जबकि सबसे अधिक पद इन्हीं विषयों के हैं। हिंदी में एलटी ग्रेड शिक्षक के 1433 और सामाजिक विज्ञान में 1854 पद हैं। आयोग की ओर से बाकी 13 विषयों के अंतिम चयन परिणाम जारी किए जा चुके हैं और इनमें से चार विषयों के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की संस्तुति भी शासन को भेजी जा चुकी है।
पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है और इसी वजह से हिंदी एवं सामाजिक विज्ञान विषय के परिणाम को लेकर निर्णय अटका हुआ है। माना जा रहा है कि इसी विवाद के कारण चयनित अभ्यर्थियों की नियुिक्त फंस गई है। अभ्यर्थी असमंजस में हैं और उन्हें अपने भविष्य पर संकट मंडराता नजर आ रहा है। यूपीपीएससी में कई दिनों बाद 20 अप्रैल से कामकाज शुरू हो गया है।