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UP Board : सौ से अधिक स्कूलों को डिबार करने की तैयारी, त्रुटि संशोधन में लापरवाही बरतने पर बोर्ड सख्त

Fri, 02 Feb 2024 02:10 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 02 Feb 2024 02:10 PM IST
सार

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2024 में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों के शैक्षिक विवरणों (नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, जेन्डर, जाति, फोटो एवं विषय आदि) में त्रुटि संशोधन में लापरवाही बरतने वाले 100 से अधिक स्कूलों को पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों (प्रयागराज, बरेली, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर) के माध्यम नोटिस भेजा रहा है।

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Preparation to debar more than a hundred schools, board is strict on negligence in correcting
यूपी बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

यूपी बोर्ड ने 100 से अधिक स्कूलों को डिबार करने की तैयारी कर ली है। त्रुटि संशोधन में लापरवाही के मामले में इन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर स्कूलों को 2025 की बोर्ड परीक्षा में केंद्र नहीं बनाया जाएगा।

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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2024 में शामिल होने जा रहे परीक्षार्थियों के शैक्षिक विवरणों (नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, जेन्डर, जाति, फोटो एवं विषय आदि) में त्रुटि संशोधन में लापरवाही बरतने वाले 100 से अधिक स्कूलों को पांचों क्षेत्रीय कार्यालयों (प्रयागराज, बरेली, मेरठ, वाराणसी और गोरखपुर) के माध्यम नोटिस भेजा रहा है।
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यूपी बोर्ड की ओर से स्कूलों को चार अवसर प्रदान किए जाने के बावजूद इसमें लापरवाही बरती गई। स्कूलों को निर्देश दिए गए थे कि अंतिम तिथि 20 जनवरी तक ऑफलाइन माध्यम से संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को त्रुटि संशोधन के मामले भेज दिए जाएं लेकिन निर्धारित तिथि बीतने के बाद भी प्रदेश भर के 100 से अधिक स्कूलों ने परीक्षार्थियों के विवरण में संशोधन का अनुरोध किया है।
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बोर्ड ने पहले ऑनलाइन त्रुटि संशोधन का मौका दिया और फिर ऑफलाइन माध्यम से प्रत्यावेदन मांगे। बोर्ड ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अंतिम समय में अगर किसी भी परीक्षार्थी/ संस्था के स्तर से विवरणों में संशोधन की मांग की जाती है तो उसके लिए डीआईओएस और संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे। अंतिम समय में संशोधन की मांग करने वाले स्कूलों को बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल की ओर से नोटिस भेजा गया है।

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